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UKSSSC स्नातक परीक्षा पेपर लीक केस में पहली बड़ी गिरफ्तारी: सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान गिरफ्तार 📚🚨
⭐ हाइलाइट्स (Key Points)
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🔴 CBI ने पहली गिरफ्तारी की — सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान गिरफ्तार
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📱 खालिद ने छिपे मोबाइल से परीक्षा का पेपर बहन को भेजा था
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➡️ साबिया ने वह पेपर प्रोफेसर सुमन को सॉल्व करने के लिए फॉरवर्ड किया
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🏫 प्रोफेसर टिहरी गढ़वाल के राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाती थीं
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⛓️ खालिद और उसकी बहन पहले से ही जेल में न्यायिक अभिरक्षा में
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👥 बेरोजगार संघ द्वारा आठ दिन तक CBI जांच की मांग
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🏛️ सीएम धामी ने छात्रों के दबाव के बाद CBI जांच को दी थी मंजूरी
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⚖️ कोर्ट ने सुमन को न्यायिक हिरासत में भेजा
🧾 पूरी खबर — प्रोफेशनल न्यूज़ पोर्टल स्टाइल में
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। यह इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI की पहली गिरफ्तारी है।
सूत्रों के अनुसार, सुमन चौहान ने यह पेपर मुख्य आरोपी खालिद के लिए हल किया था। दून पुलिस इससे पहले खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।
📌 कैसे फूटा पूरा मामला? — पूरा घटनाक्रम जानें
📅 21 सितंबर:
UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के बीच अचानक पेपर का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
इसके बाद बेरोजगार संघ ने आरोप लगाया कि पेपर परीक्षा के दौरान ही लीक किया गया है। मामला गंभीर हुआ तो रायपुर थाने में FIR दर्ज की गई।
🧐 जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
पुलिस जांच में पता चला कि पेपर हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से बाहर भेजा गया था।
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आरोपी परीक्षार्थी खालिद अपने साथ पहले से छिपाकर लाया मोबाइल केंद्र में ले गया था।
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उसने पेपर का फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजा।
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साबिया ने वह पेपर सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को हल करने के लिए आगे भेज दिया।
🏫 सुमन चौहान का बैकग्राउंड
सुमन चौहान शहीद श्रीमति हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय, टिहरी गढ़वाल में सहायक प्रोफेसर थीं।
22 सितंबर को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
प्रारंभिक जांच में माना गया कि उन्हें पता नहीं था कि यह किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर है। इसलिए उन्हें जांच में सहयोग के आधार पर छोड़ दिया गया था।
🗣️ युवाओं का गुस्सा — CBI जांच की मांग
पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश था। बेरोजगार संघ ने लगातार 8 दिनों तक धरना दिया और CBI जांच की मांग की।
धरनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की संस्तुति की। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद CBI ने 26 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया।
🚨 CBI की कार्रवाई — सुमन चौहान हिरासत में
CBI ने प्राथमिक जांच में पाया कि सुमन चौहान मामले में षड्यंत्र का हिस्सा थीं।
इसी आधार पर उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया और CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


