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देहरादून

 प्रदेश में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली दवा निर्माता कंपनियों पर सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। केंद्रीय औषधि मानक संगठन (CDSCO) द्वारा नवंबर 2025 की जांच रिपोर्ट जारी होने के बाद, उत्तराखंड के खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य की विभिन्न फार्मा कंपनियों की 39 दवाओं को ‘अमानक’ (Not of Standard Quality) घोषित किया है.

सख्त कार्रवाई के निर्देश

​खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन 39 अमानक औषधियों के वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. विभाग ने प्रदेश के सभी वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाएं.

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इन जगहों पर होगी छापेमारी

​शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में औषधि निरीक्षकों को निम्नलिखित स्थानों पर तत्काल निरीक्षण करने को कहा गया है:

  • राजकीय चिकित्सालय: सभी सरकारी अस्पतालों के स्टॉक की जांच होगी.
  • निजी चिकित्सालय: प्राइवेट अस्पतालों में आपूर्ति की गई दवाओं पर नजर रहेगी.
  • औषधि विक्रय प्रतिष्ठान: मेडिकल स्टोर और होलसेल दुकानों पर इन दवाओं की बिक्री रोकने के सख्त आदेश हैं.
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कार्रवाई की रिपोर्ट तलब

​अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अमानक दवाओं की सूची में शामिल औषधियों के वितरण पर रोक लगाते हुए की गई कार्रवाई की विस्तृत आख्या (Report) जल्द से जल्द मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए. इस कदम से उन दवा निर्माताओं में हड़कंप मच गया है जिनकी दवाइयां गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं.

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ब्यूरो रिपोर्ट: अग्रसर भारत न्यूज़

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