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देहरादून।

उत्तराखंड शासन ने गौला और नंधौर नदी से खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों के फिटनेस शुल्क में एक वर्ष की राहत प्रदान की है।

यह राहत प्रदेश के वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किए विशेष अनुरोध के बाद शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया।

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उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सैकड़ों खनन व्यवसायियों और वाहन मालिकों को आर्थिक सहारा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पूर्व गौला नदी के विभिन्न गेटों के अध्यक्ष व पदाधिकारी दीपेंद्र कोश्यारी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिले थे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए जल्द राहत देने की बात कही थी।

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एक सप्ताह के भीतर शासनादेश जारी होने से वाहनों के मालिकों और खनन व्यवसायियों में हर्ष का माहौल है।शासनादेश संख्या: उत्तराखण्ड शासन परिवहन अनुभाग-1 /IX/2025-01(02)47579/2023, दिनांक 21 नवम्बर, 2025 के अनुसार राज्यपाल ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-65 की उपधारा (2) के खण्ड (ज) में वर्णित शक्तियों के अधीन यह आदेश जारी किया है।

इसके तहत भारत सरकार द्वारा 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के फिटनेस शुल्क में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से एक वर्ष अर्थात 21 नवम्बर, 2026 तक स्थगित किया गया है।

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अब इस अवधि में पूर्ववत फिटनेस शुल्क ही देय रहेगा। इसके उपरांत दरें भारत सरकार द्वारा निर्धारित संशोधित दरों के अनुरूप होंगी।

आदेश राज्यपाल की ओर से परिवहन विभाग के सचिव बृजेश कुमार सन्त द्वारा जारी किया गया है।

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