लालकुआँ। नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संस्थान के अध्यक्ष मुकेश बोरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों, मार्ग प्रभारियों और डिपो प्रभारियों के साथ दुग्ध विपणन व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने पर गहन मंथन किया गया।
मुख्य आकर्षण: गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
बैठक में उपस्थित उपनिदेशक संजय उपाध्याय और अध्यक्ष मुकेश बोरा ने स्पष्ट किया कि ‘आँचल’ की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को शुद्ध दूध उपलब्ध कराना है। इसके लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- कोल्ड चैन सुदृढ़ीकरण: दूध के तापमान और ताजगी को बनाए रखने के लिए कोल्ड चैन की निगरानी और सख्त की जाएगी।
- एडल्टरेशन किट का वितरण: उपभोक्ताओं को दूध की शुद्धता परखने के लिए लैक्टोमीटर और मिलावट जाँच (Adulteration) किट वितरित करने के निर्देश दिए गए।
- त्वरित समाधान: विक्रेताओं और उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के लिए क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों को जवाबदेह बनाया गया है।
अनुशासन और समन्वय पर जोर
दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा:
”आँचल दुग्ध संघ की साख उसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता में है। फील्ड स्तर पर अनुशासन और आपसी समन्वय ही संघ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। हमारा लक्ष्य विक्रेताओं और उपभोक्ताओं के बीच एक अटूट विश्वास पैदा करना है।”
परिवहन और आपूर्ति की होगी मॉनिटरिंग
उपनिदेशक संजय उपाध्याय ने पर्यवेक्षकों को नियमित निरीक्षण करने और परिवहन व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुग्ध आपूर्ति समयबद्ध होनी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को असुविधा न हो।
बैठक में उपस्थित गणमान्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा, प्रशासन/विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी, विपणन अधीक्षक विजय सिंह चौहान सहित विपिन तिवारी, हेमन्त पाल, जितेंद्र खोलिया, चन्द्र प्रकाश जोशी, महेश पांडे, कुलदीप रैकवाल, लोकेश शर्मा, मनोज कुमार, सुदर्शन, पारस, सुमित तिवारी और सुमित पांडे जैसे प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।


