बिंदुखत्ता (अग्रसर भारत डेस्क): लालकुआं के इंद्रानगर प्रथम, बिंदुखत्ता निवासी मनीषा बिष्ट ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। मनीषा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल है और उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
असफलता को बनाया सीढ़ी, हासिल की 17वीं रैंक
मनीषा की अधिकारी बनने तक की यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड उद्यान एवं वानिकी विश्वविद्यालय से वानिकी में स्नातक (विशेष योग्यता) मनीषा ने अपने पहले प्रयास में ही लिखित परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में स्थान नहीं मिल सका। हार मानने के बजाय उन्होंने दोगुनी मेहनत की और दूसरे प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 17वां स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
ओटीए चेन्नई में लिया कड़ा प्रशिक्षण
चयन के उपरांत मनीषा ने चेन्नई स्थित ‘अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी’ (OTA) में कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। बीते 7 मार्च को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के बाद मनीषा ने आधिकारिक रूप से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शपथ ली। उनकी पहली तैनाती सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में हुई है।
नाना की प्रेरणा और गुरुओं का मार्गदर्शन
मनीषा अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता और अपने नाना (पूर्व सैनिक) को देती हैं, जिन्होंने उन्हें बचपन से ही देश सेवा के लिए प्रेरित किया। साक्षात्कार की तैयारी में उन्हें प्रशिक्षक विवेक पांडे और सेना में अधिकारी मोहित भट्ट का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मनीषा के भाई प्रियांशु बिष्ट वर्तमान में वन विभाग में सेवारत हैं, जबकि बहन संगीता बैंकिंग क्षेत्र की तैयारी कर रही हैं।
शुभकामनाओं का लगा तांता
मनीषा की इस गौरवमयी उपलब्धि पर उनके चाचा मनोज सिंह, चाची दीपा और समस्त क्षेत्रवासियों ने खुशी व्यक्त की है।
अग्रसर भारत की ओर से शुभकामनाएं:
“बिंदुखत्ता की माटी की बेटी मनीषा बिष्ट को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर ‘अग्रसर भारत’ परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं। आपकी यह सफलता हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। हमें गर्व है आप पर!”


