नैनीताल (अग्रसर भारत डेस्क): जनपद नैनीताल में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और आदमखोर बाघ/तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने जनपद के तीन विकासखंडों में 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।
इन क्षेत्रों में लागू रहेगा आदेश
यह आदेश नैनीताल जिले के निम्नलिखित विकासखंडों (Blocks) में प्रभावी होगा:
- धारी (Dhari)
- ओखलकांडा (Okhalkanda)
- रामगढ़ (Ramgarh)
खतरे को देखते हुए लिया गया फैसला
सरकारी आदेश के अनुसार, इन क्षेत्रों के दुर्गम रास्तों, पगडंडियों और वन क्षेत्रों से होकर स्कूली बच्चों को गुजरना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों में वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता और आदमखोर घटनाओं की सूचना के बाद, बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने शैक्षणिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु:
- अवकाश की अवधि: 19.01.2026 से 21.01.2026 तक (कुल 3 दिन)।
- प्रभावित संस्थान: कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।
- सख्त निर्देश: जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में किसी भी बच्चे को विद्यालय या केंद्र पर न बुलाया जाए। आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को स्थिति की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। यदि स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो आगामी आदेश अलग से निर्गत किया जाएगा।
अग्रसर भारत न्यूज़ की अपील: अपने बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और सतर्क रहें।


