नैनीताल/भीमताल:
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में पर्यटन के नाम पर नियमों का उल्लंघन करने वाले होमस्टे संचालकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ाई से अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के सख्त निर्देशों के बाद परगना अधिकारियों और पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम ने पूरे जिले में एक व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच में सामने आया कि कई होमस्टे संचालक मूल अवधारणा को ताक पर रखकर इन्हें विशुद्ध व्यावसायिक होटलों की तरह संचालित कर रहे थे। इस बड़ी अनियमितता पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 150 होमस्टे इकाइयों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, जबकि 55 अन्य इकाइयों पर भारी अर्थदंड लगाया है।
मुख्य समाचार: बिंदुवार विस्तृत विवरण
- नियमों का खुला उल्लंघन: संयुक्त टीम की जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया कि कई स्वीकृत होमस्टे इकाइयों में उनके मूल भवन स्वामी स्वयं निवास नहीं कर रहे थे, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
- होटल और रेस्टोरेंट जैसा संचालन: कई स्थानों पर होमस्टे की मूल भावना के विपरीत बकायदा रिसेप्शन स्टाफ नियुक्त किया गया था और व्यावसायिक लाभ के लिए इन्हें पूरी तरह से होटल और रेस्टोरेंट की भांति चलाया जा रहा था।
- पार्किंग की गंभीर समस्या: निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन इकाइयों में अपनी कोई पार्किंग व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण पर्यटकों के वाहन मुख्य सड़कों के किनारे खड़े किए जा रहे थे और इससे यातायात बाधित हो रहा था।
- लीज पर देने का अवैध खेल: कई मालिकों ने अधिक मुनाफे के लालच में अपनी होमस्टे इकाइयों को बाहरी लोगों को लीज (पट्टे) पर सौंप दिया था, जिससे पूरी व्यवस्था व्यावसायिक गढ़ बन चुकी थी।
- 150 का पंजीकरण रद्द: इन सभी गंभीर अनियमितताओं को आधार बनाते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और जनपद के कुल 150 होमस्टे का लाइसेंस/पंजीकरण निरस्त कर दिया।
- 55 इकाइयों पर भारी जुर्माना: नियमों की अवहेलना करने वाली 55 अन्य होमस्टे इकाइयों पर प्रति इकाई ₹10,000 का आर्थिक दंड (जुर्माना) भी अधिरोपित किया गया है।
- क्षेत्रवार प्रशासनिक कार्रवाई के आँकड़े:
- तहसील नैनीताल: सर्वाधिक 94 इकाइयों पर गाज गिरी।
- रामनगर क्षेत्र: 20 इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई।
- तहसील धारी: 19 होमस्टे पर एक्शन लिया गया।
- कैंची धाम क्षेत्र: सुप्रसिद्ध धार्मिक क्षेत्र की 07 इकाइयां चपेट में आईं।
- हल्द्वानी एवं कालाढूंगी: दोनों क्षेत्रों में 05-05 इकाइयों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई।
- आगे भी जारी रहेगा हंटर: जिला प्रशासन ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि वर्तमान में जिन अन्य संदिग्ध इकाइयों को नोटिस जारी किया गया है, उनकी अवधि समाप्त होते ही नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश: जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेशित किया है कि होमस्टे योजना की मूल अवधारणा और सरकारी नियमावली का शत-प्रतिशत कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि देवभूमि की पर्यटन गतिविधियों की शुचिता, पारदर्शिता और व्यवस्थित संचालन हमेशा बना रहे।


