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शालीमार गार्डन पुलिस ने वीडियो कॉल पर अश्लील बातें कर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के सरगना और छह युवतियों को गिरफ्तार किया। पूरा रैकेट राजेंद्रनगर स्थित एक किराये के फ्लैट में चल रहा था।

एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शिकायत पर पुलिस ने राजेंद्रनगर सेक्टर तीन में एक फ्लैट पर छापेमारी की। इस दौरान गिरोह के मास्टर माइंड युवक और छह युवतियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से पुलिस ने सभी के मोबाइल फोन और इस कार्य में प्रयोग होने वाले कई लैपटॉप के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।

गिरफ्तार आरोपी नौकरी की तलाश करने वाली महिलाओं और युवतियों को मोटी सैलरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें इस काम में धकेल देता था। गिरफ्तार महिला और युवतियां वीडियो कॉल पर लोगों से अश्लील बातें करती थीं। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम रविंद्र निवासी राजबाग साहिबाबाद बताया। पूछताछ में उसने बताया कि यह फ्लैट उसने अप्रैल में किराये पर लिया था। पकड़ा गया आरोपी वाहन इंश्योरेंस, एआरटीओ कार्यालय से डीएल और अन्य कागज बनवाने का काम भी करता है। छापेमारी के दौरान पकड़ी गईं युवतियां 9वीं से लेकर एमए तक पढ़ी लिखी है। एक महिला ने एमए किया हुआ है तो युवती बीकॉम की पढ़ाई कर रही है। वहीं एक युवती 12वीं पास है तो दूसरी युवती 9वीं पास है। युवतियों से पूछताछ में पता चला है कि सरगना रविद्र ने उन सभी को 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कहकर नौकरी पर रखा था।

पुलिस के अनुसार पकड़ा गया आरोपी रविंद्र नौकरी की वेबसाइट से युवतियों और महिलाओं का बायोडाटा और अन्य जानकारी लेता था। इसके बाद वह उन्हें कॉल कर जॉब के लिए बुलाता था। युवतियों को फाइनेंस एडवाइजर, लोन के लिए कॉल करना ओर दूसरी अच्छी नौकरी का झांसा देकर बुलाता था। फिर उनसे अश्लील बातें कराता था। चैटिंग करने वाले लोगों से ऑनलाइन रुपये लिए जाते थे। पांच से सात मिनट के 200 रुपये तक वसूले जाते थे। पकड़ी गई ज्यादातर युवतियों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पकड़ी गई युवतियों और महिला का कहना है कि वह मजबूरी में यह काम कर रही थी। उन्हें झांसा देकर यह काम कराया गया।

एक महिला की शिकायत के बाद खुला राज
आरोपी रविंद्र ने राजनगर एक्सटेंशन निवासी एक महिला को फाइनेंस एडवाइजर की जॉब देने का झांसा देकर अपने पास बुलाया था। पहले उसने महिला को अपने ऑफिस पर बुलाया और इसके बाद राजेंद्रनगर में फ्लैट पर ले गया। आरोप है कि नौकरी देने की एवज में रविंद्र ने उससे 25 हजार रुपये भी ले लिए। फ्लैट पर जाने के बाद रविंद्र ने महिला से कहा कि उसकी ड्यूटी कैमरे के सामने अश्लील बातें करने की है। महिला का कहना है कि मना करने पर रविंद्र, विवेक और वहां कायर्रत एक महिला ने गाली गलौज करते हुए चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। वह किसी तरह वहां से निकलकर भागी और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मौके पर पहुंचकर छापेमारी की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अप्रैल से यह काम शुरू किया था। उसने राजेंद्रनगर सेक्टर तीन में एक फ्लैट 16500 रुपये प्रति महीना किराए पर लिया था।

ऑनलाइन पेमेंट लेते थे
पुलिस के मुताबिक वीडियो कॉल कर अश्लील बातें करने से पहले साइट पर दिए गए लिंक पर पेमेंट करने का विकल्प दिया गया था। लिंक पर पेमेंट करने के बाद ही कोई भी व्यक्ति अश्लील बातें करने वाली युवतियों के साथ जुड़ सकता था। हालांकि इसके लिए 5 से 8 मिनट तक बात करने के लिए लगभग 200 रुपये की पेमेंट चुकानी पड़ती थी। एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि अश्लील वीडियो कॉल कर बातें करने वाले गिरोह के सरगना समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

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