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लालकुआं (अग्रसर भारत): तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज अंतर्गत आने वाले जंगलों में एक ‘टस्कर’ हाथी यमराज बनकर घूम रहा है। पिछले 72 घंटों के भीतर इस हिंसक हाथी ने तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। ताजा मामले में, हाथी ने लकड़ी बीनने गई एक वृद्ध महिला को कुचलकर मार डाला, जिससे पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है।

​सूंड से पटका, फिर पैरों तले रौंदा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंतनगर की झा कॉलोनी निवासी मैना देवी (60 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय बाबूलाल, आज सुबह दो अन्य महिलाओं के साथ शाह पठानी गांव से पंतनगर की ओर जाने वाले रास्ते पर लकड़ी बीनने गई थीं। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकलकर एक ‘डेढ़ दांत’ वाला खूंखार टस्कर हाथी उनकी ओर दौड़ पड़ा।

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​जान बचाने की जद्दोजहद में महिलाएं जंगल के भीतर भागीं, लेकिन हाथी ने मैना देवी को पीछा करके दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताया कि हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया। अन्य महिलाओं ने किसी तरह भागकर कॉलोनी पहुंचकर शोर मचाया, लेकिन जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक मैना देवी दम तोड़ चुकी थीं।

​तीन दिन, तीन मौतें: वन विभाग पर उठे सवाल

​यह इस हफ्ते की दूसरी हृदय विदारक घटना है। मात्र दो दिन पहले ही इसी हाथी ने शाह पठानी क्षेत्र के एक खेत में सो रहे दो व्यक्तियों को कुचलकर मार दिया था। जिनमें से एक मृतक की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। एक ही क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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​मौके पर पहुंचे अधिकारी

​घटना की सूचना मिलते ही लालकुआं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा और टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (RO) रूप नारायण गौतम भारी पुलिस बल और वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका अपने पीछे तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) छोड़ गई हैं।

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​क्षेत्र में अघोषित ‘कर्फ्यू’ जैसा माहौल

​हाथी के लगातार हमलों से टांडा और पंतनगर से सटे ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि हाथी को जल्द ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर विस्थापित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। वन विभाग ने फिलहाल ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की कड़ी हिदायत दी है।

​सावधान रहें: टांडा रेंज के जंगलों में हाथी की सक्रियता बनी हुई है। अग्रसर भारत अपने पाठकों से अपील करता है कि जंगली रास्तों का प्रयोग करने से बचें।

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By पंकज शर्मा

निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार आप तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 'अग्रसर भारत' की नींव रखी गई है। डिजिटल मीडिया पत्रकारिता (DJNM) में प्रशिक्षित संपादक पंकज शर्मा के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य हर खबर को उसकी सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ आपके सामने लाना है।