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बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन का आंदोलन अब राजनीतिक मोड़ लेने लगा है। पुराना बिंदुखत्ता में सूबेदार केदार सिंह बिष्ट के आवास पर आयोजित “चाय पर चर्चा” कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और आंदोलनकारियों ने हुंकार भरते हुए अपनी आगामी रणनीति का एलान कर दिया है।

​बैठक में वक्ताओं ने दो टूक कहा कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के 50 हजार से अधिक मतदाता गैर-राजस्व (वन) भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया।

​राजनीतिक दलों को चेतावनी, खुद प्रत्याशी उतारने का विकल्प खुला

​संगठन ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों से मांग की है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वन भूमि पर बसे परिवारों में से ही किसी योग्य व्यक्ति को टिकट दिया जाए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार ने राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं की, या किसी स्थानीय प्रभावित को उम्मीदवार नहीं बनाया, तो वन अधिकार संगठन खुद चुनाव मैदान में अपना प्रत्याशी उतारेगा।

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​आंदोलन की अगली रूपरेखा: देहरादून में आमरण अनशन

​बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को और धार देने के लिए निम्नलिखित रणनीतियों पर मुहर लगी:

  • 19 जून को विशेष कार्यक्रम: राजस्व ग्राम संबंधी दावों की स्वीकृति के दो वर्ष पूरे होने पर सरकार को जगाने के लिए 19 जून 2026 को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
  • न्यायालय का विकल्प: ग्रामीणों के सुझाव पर मामले को अदालत में ले जाने पर भी विचार चल रहा है, जिस पर अंतिम फैसला आगामी बैठकों में लिया जाएगा।
  • मुख्यालय घेराव और अनशन: मौसम ठीक होते ही पहले जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसके बाद देहरादून के परेड ग्राउंड में आमरण अनशन शुरू होगा।
  • बूथ स्तर पर घेराबंदी: आंदोलन को मजबूती देने के लिए हर बूथ स्तर पर 10-10 सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की जा रही है।
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​बढ़ता जनसमर्थन और जनता से अपील

​”वन अधिकार संगठन के इस अभियान को हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। हम क्षेत्र के नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर ‘चाय पर चर्चा’ जैसे जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि हक की इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाया जा सके।”

संगठन पदाधिकारी

 

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​बैठक में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण चर्चा में सूबेदार मेजर खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, सूबेदार केदार सिंह बिष्ट, सूबेदार बलवंत सिंह बिष्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, एडवोकेट बलवंत सिंह बिष्ट, भुवन भट्ट, गोविंद बोरा, सुंदर बिष्ट, दर्शन सिंह, रमेश सुयाल, एस.डी. मेलकानी, तारा दत्त जोशी, दीपक नेगी, भूपेश जोशी, धन सिंह गड़िया, प्रदीप कुंवर और गोबिंद सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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