हल्द्वानी (नैनीताल): देवभूमि के हल्द्वानी से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल पर मृत महिला के शव को बंधक बनाकर पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंदन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक (Medical Director) डॉ. परवेज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा निवासी नंदन बिरौड़िया ने अपनी बीमार पत्नी सीमा को इलाज के लिए हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भर्ती कराया था। 3 जनवरी की शाम स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, जिसके बाद परिजन उन्हें भोटियापड़ाव स्थित चंदन अस्पताल ले गए।
नंदन का आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही उनसे ₹50,000 नकद जमा कराए गए और करीब ₹7,000 के अलग-अलग टेस्ट किए गए। शाम करीब 6:30 बजे सीमा को आईसीयू (ICU) ले जाया गया, जहाँ कुछ ही देर बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शव देने के बदले मांगे अतिरिक्त पैसे
दुख की इस घड़ी में संवेदनशीलता दिखाने के बजाय, आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने ₹30,000 की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की ओर से स्पष्ट कहा गया कि जब तक बकाया रकम का भुगतान नहीं होगा, तब तक शव नहीं सौंपा जाएगा।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मिला शव
हल्द्वानी कोतवाल विजय सिंह मेहता ने बताया कि पीड़ित पति की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और अस्पताल प्रशासन के कब्जे से शव को मुक्त कराकर परिजनों को सौंपा। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नंदन बिरौड़िया की तहरीर के आधार पर चिकित्सा निदेशक डॉ. परवेज के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 308 (3) यानी जबरन वसूली के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
”किसी भी व्यक्ति के शव को रोकना या बंधक बनाना न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के भी खिलाफ है। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।”
— डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी
अस्पताल के इस अमानवीय कृत्य के बाद शहर के लोगों में खासा आक्रोश है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।


