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गौला नदी से चुगान का लक्ष्य पूरा हो चुका है। जबकि सरकार चुगान की और अनुमति लेना चाहती है। डंपर एसोसिएशन इसके विरोध में उतर आया है। शुक्रवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। 

डंपर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि गौला नदी से निकलने वाला आरबीएम अब खत्म हो चुका है। गौला नदी से इस बार 38 लाख घन मीटर आरबीएम निकालने का लक्ष्य रखा गया था, जो अब लगभग पूरा हो गया है। वन निगम अब आरबीएम का घनमीटर बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

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पदाधिकारियों का कहना है कि गौला से निकलने वाले आरबीएम को अब कोई भी लेने को तैयार नहीं है। नदी में आरबीएम की जगह मिट्टी निकल रही है। क्रशर स्वामियों ने भी माल लेने से मना कर दिया है। ऐसे में पदाधिकारियों ने एसडीएम से घनमीटर का दायरा बढ़ाने की अनुमति पर रोक की मांग की है।

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गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष पम्मी सैफी ने कहा कि वाहन स्वामी नहीं चाहते है कि अब घनमीटर बढ़ाया जाए। क्योंकि गर्मी की वजह से मजदूर वाहन नही भर पा रहे हैं और क्रशर भी खनन सामग्री नहीं लेना चाहते। ऐसे में इस खनन सत्र को समाप्त किया जाए। ज्ञापन देने वालों में पम्मी सैफी अध्यक्ष गौला खनन संघर्ष समिति, मनोज मठपाल अध्यक्ष डंपर एसोसिएशन, इंदर सिंह बिष्ट, कमल तिवारी, जीवन बोरा आदि थे।