खबर शेयर करें -

रामनगर: नगर पालिका के अभिनंदन समारोह में पहुंचे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आतंकवाद और पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला. हरीश रावत ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने निशाने पर लिया. उन्होंने देश की सुरक्षा, राजनीति और राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर बयान देते हुए लोगों से सजग और एकजुट रहने की अपील की.

हरीश रावत ने कहा कि, पहलगाम में जो हुआ, वह बेहद निंदनीय है. आतंकवादियों को केवल जवाब नहीं, बल्कि सबक भी सिखाना चाहिए. साथ ही आतंकियों को पनाह और संरक्षण देने वालों पर भी हमला होना चाहिए. जब तक उनकी कमर नहीं तोड़ेंगे, तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा. जहां से इन्हें खाद-पानी मिल रहा है, वहीं चोट करनी होगी.

यह भी पढ़ें -  🚨 गौलापार में तेज रफ्तार कार बिजली के पोल से टकराई, जानिए

रावत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, पाकिस्तान एक फेल मॉडल है. जो कभी भी कुछ भी ऐसा कर सकता है जो भारत की शांति के लिए खतरा हो. हमें सजग रहने की जरूरत है और आतंकवाद के खिलाफ पूरे देश को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए.

पीएम मोदी पर तंज कसते हुए हरीश रावत ने पहलगाम घटना के अगले दिन उनकी बिहार रैली पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह पीएम साहब के विवेक पर है. मगर सोचिए अगर यही काम किसी विपक्षी नेता ने किया होता तो भाजपा उनके पूरे खानदान की कुंडली निकाल देती. भाजपा को अपने लिए सब माफ है.

यह भी पढ़ें -  🚨 हल्द्वानी में पेट्रोल पंप के सामने चलती कार बनी आग का गोला, दो लोगों ने कूदकर बचाई जान

पूर्व मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने उत्तराखंड में खनन और शराब माफियाओं के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा. रावत ने कहा कि, यहां खनन और शराब माफिया को खुला संरक्षण मिल रहा है. भाजपा सरकार में अवैध खनन अब भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि शिष्टाचार बन गया है. प्रशासन और सत्ता दोनों माफियाओं के साथ खड़े नजर आते हैं.

रामनगर आगमन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए रावत ने कहा कि वह नगर पालिका चेयरमैन मोहम्मद अकरम को बधाई देने आए हैं. उन्होंने कहा कि ‘मैं पहले वोट मांगने आया था, अब जीत के बाद मुबारकबाद देने आया हूं’.

यह भी पढ़ें -  🚨 हल्द्वानी में पेट्रोल पंप के सामने चलती कार बनी आग का गोला, दो लोगों ने कूदकर बचाई जान

कार्यक्रम के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें न केवल राज्य की चिंता है. बल्कि देश की सुरक्षा, लोकतंत्र और सामाजिक समरसता को बचाए रखने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सच और साहस के साथ खड़े हों. क्योंकि राजनीति में बदलाव तब आता है, जब लोग सवाल पूछते हैं.

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad