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उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में 5 अगस्त 2025 को आई भयावह आपदा ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। भारी बारिश और बाढ़ के कारण सैकड़ों लोग संकट में पड़ गए, दर्जनों घर और होटल मलबे में बदल गए, और कई लोग लापता हैं। मगर इन कठिन हालातों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से सेवा के नए आयाम कायम किए हैं।

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आपदा स्थल पर RSS की टीमों ने न केवल राहत सामग्री लोगों तक पहुंचाई, बल्कि बाढ़ में फंसे अनेक ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों की जान बचाने के लिए प्रशासन, सेना और स्थानीय बचाव दलों का हर स्तर पर सहयोग किया। स्वयंसेवक दिन-रात भूख-प्यास की परवाह किए बिना पीड़ितों की सहायता में जुटे हैं — किसी से जाति-धर्म या पहचान पूछे बिना हर जरूरतमंद तक राहत पहुँचाना उनकी प्राथमिकता रही।

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स्थानीय प्रशासन, सैनिक दस्तों और आपदा प्रबंधन इकाई के साथ तालमेल में संघ ने भोजन वितरण, घायलों की चिकित्सा में मदद, विस्थापितों को अस्थायी आश्रय, और असहाय परिवारों को मनोबल देने का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है।

वह लोग जो हमेशा सवाल उठाते हैं — “संघ क्या करता है?” — उन्हें धराली आपदा के राहत केंद्रों में जाकर संघ के इन पसीने और परिश्रम भरे कार्यों को देखना चाहिए। यहाँ बनी हर वीडियो, हर तस्वीर गवाह है कि जब संकट आता है तो संघ के स्वयंसेवक सबसे आगे खड़े मिलते हैं।

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आज धराली में RSS का काम जमीनी स्तर पर उम्मीद और सहारे की मिसाल बन गया है, जो सरकार, प्रशासन और आम जनमानस को इंसानियत, सेवा और एकजुटता का संदेश देता है।

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