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गर्जिया देवी मंदिर के टीले में दरार आ गई हैं. जिसके कारण गर्जिया देवी की चरण पादुका व मुख्य डोला को शिफ्ट किया गया है. चरण पादुका व मुख्य डोले को गर्जिया देवी मंदिर के नीचे सीढ़ियों के नीचे स्थापित किया गया है.

आज कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के टीले में दरार के चलते सुरक्षा के चलते मां गर्जिया देवी की चरण पादुका व मुख्य डोला मन्दिर के नीचे सीढियों के नीचे स्थापित किया गया है. श्रद्धालुओं ने दुःख जताते हुए कहा वे मां के दर्शन अगले वर्ष टीले के ऊपर ही करना चाहेंगे. श्रद्धालुओं ने जल्द से जल्द टीले की सुरक्षा कार्य शुरू करने की अपील की है.

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बता दें प्रसिद्ध गर्जिया देवी का मंदिर कोसी नदी के बीच रामनगर से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर भक्त माता के दर्शन के लिए अलग अलग राज्यों से नैनितील जिले के रामनगर पहुंचते हैं. इस बार मंदिर के टीले में दरार आ गई है. जिसके कारण आज श्रद्धालु मुख्य मंदिर में दर्शन-पूजन नहीं कर पाए. भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन व मंदिर समिति ने देवी मां का डोला व चरण पादुका शिव मंदिर के पास टीले में जाने वाली सीढियों पर स्थापित किया. यहीं पर श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद ले रहे हैं.

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बता दें सुबह से ही अलग-अलग राज्यों से भक्तों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका था. मां के दर्शनों के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी. भक्तों ने कहा वह मां के दर्शन करके खुश हैं. वह पुराने स्थान पर मां के दर्शन करने चाहते हैं. उन्होंने सरकार से तुरंत टीले का जीर्णोद्धार करने की मांग की.

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मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज पांडे ने कहा मंदिर का डोला व चरण पादुका मंदिर के नीचे सीढ़ियों में स्थापित किया है. इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को देख रहे रामनगर उपजिलाधिकारी राहुल शाह ने कहा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. ट्रैफिक प्लान भी चेंज किया गया है. कई चौकियां स्थापित की गई हैं.

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