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लालकुआं। उत्तराखंड के लालकुआं रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ी लापरवाही के चलते हड़कंप मच गया। स्टेशन की पिट लाइन में मरम्मत कार्य के दौरान एक ‘जनरेटर एंड गार्ड डिब्बा’ (ब्रेक वैन) बिना इंजन के अचानक ढलान की ओर दौड़ पड़ा। करीब 150 मीटर तक अनियंत्रित होकर चलने के बाद डिब्बा पटरी से उतर गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

मरम्मत के दौरान हुआ वाकया

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार प्रातः लगभग 8:30 बजे रेलवे स्टेशन की पिट लाइन में तकनीकी मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक रेलगाड़ी के पीछे लगने वाला जनरेटर और गार्ड डिब्बा अचानक अपनी जगह से खिसक गया। ढलान होने के कारण डिब्बा तेजी से रनिंग रूम की दिशा में बढ़ने लगा।

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रेल कर्मियों में मची अफरा-तफरी

​इस अप्रत्याशित घटना को देख मौके पर मौजूद रेल कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। कर्मचारियों ने डिब्बे के पीछे दौड़कर उसे रोकने के लिए पहियों के नीचे ‘गुटका’ (Wooden Block) लगाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ढलान और गति के कारण डिब्बा अनियंत्रित बना रहा। लगभग 150 मीटर की दूरी तय करने के बाद, यह डिब्बा पॉइंट (टर्नआउट) के पास पटरी से नीचे उतर गया।

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बड़ी दुर्घटना की थी आशंका

​प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिब्बे की रफ्तार थोड़ी और अधिक होती या वह किसी दूसरी सक्रिय (मेन लाइन) की ओर बढ़ जाता, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। गनीमत यह रही कि डिब्बा पिट लाइन के भीतर ही बेपटरी होकर रुक गया।

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4 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

​घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ रेल अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। प्रशिक्षित रेल कर्मियों द्वारा हाइड्रोलिक जैक और अन्य उपकरणों की मदद से कोच को उठाकर पुनः पटरी पर रखने का कार्य शुरू किया गया। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को सामान्य किया जा सका। फिलहाल रेलवे प्रशासन मामले की जांच कर रहा है कि डिब्बा बिना इंजन के कैसे खिसका।

ब्यूरो रिपोर्ट: अग्रसर भारत

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