अगर आप भी दोपहिया वाहन से नैनीताल या भीमताल की वादियों का लुत्फ उठाने की सोच रहे हैं, तो जरा रुक जाइए। खासकर तब, जब आपका वाहन नैनीताल जिले से बाहर या किसी अन्य राज्य से है। पर्यटन सीजन के चलते काठगोदाम पुलिस ने ऐसे दोपहिया वाहनों को पहाड़ पर चढ़ने से रोकना शुरू कर दिया है। गुरुवार को भी पुलिस ने 500 से अधिक टू व्हीलर चालकों को मल्ला काठगोदाम चौकी से लौटा दिया।
दरअसल, 31 मार्च से 2 अप्रैल तक ईद की छुट्टियों और पर्यटन सीजन को देखते हुए पुलिस ने पहाड़ों की ओर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई थी। इस कदम से ट्रैफिक की स्थिति काबू में रही, जिससे उत्साहित होकर अब इस नियम को अनौपचारिक रूप से आगे भी लागू किया जा रहा है।
3 अप्रैल को भी काठगोदाम पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें पूरे दिन यातायात पुलिस, सीपीयू और स्थानीय थाने की टीम मुस्तैद रही। इस दौरान न केवल वाहनों को वापस लौटाया गया, बल्कि 150 दोपहिया चालकों के चालान भी काटे गए जो यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के बयान:
- काठगोदाम थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट ने बताया कि नैनीताल और भीमताल की ओर बढ़ते ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए बाहरी राज्यों के दोपहिया वाहनों पर रोक जरूरी हो गई है।
- सीओ सिटी नितिन लोहनी ने भी स्वयं चेकिंग अभियान में हिस्सा लिया और बताया कि दिन भर चली इस कार्रवाई के पीछे मकसद साफ है—जाम से निपटना और पर्यटन अनुभव को सुरक्षित बनाना।
महत्वपूर्ण जानकारी:
अगर आप टू व्हीलर से नैनीताल या भीमताल की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर चेक करें। अन्यथा आपको भी मल्ला काठगोदाम से बैरंग लौटना पड़ सकता है।


