अग्रसर भारत न्यूज़ पोर्टल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहनों से संबंधित सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) मोटर वाहन नियमों में ऐसे क्रांतिकारी संशोधनों पर विचार कर रहा है, जिससे आम जनता को ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) का लाभ मिलेगा और आरटीओ (RTO) दफ्तरों की भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी।
मध्यम आयु वर्ग को बड़ी सौगात
प्रस्तावित नियमों के तहत अब 40 से 60 वर्ष की आयु के नागरिकों को नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या पुराने को रिन्यू कराने के लिए डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेने की अनिवार्यता खत्म की जा सकती है। अब तक इस आयु वर्ग के लिए हर रिन्यूअल पर मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी होता था। इस बदलाव से करोड़ों लोगों के समय और धन की बचत होगी।
‘पेनल्टी पॉइंट’ सिस्टम से सुधरेगा ट्रैफिक व्यवहार
सरकार अब केवल चालान काटकर शांत नहीं बैठेगी, बल्कि चालकों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए ‘पेनल्टी पॉइंट सिस्टम’ लागू करने की योजना बना रही है।
- लाइसेंस होगा सस्पेंड: ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चालक के डिजिटल लाइसेंस पर पेनल्टी पॉइंट्स जुड़ेंगे। एक निश्चित सीमा पार होने पर लाइसेंस स्वतः ही निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा।
- महंगा होगा बीमा: सरकार इन पॉइंट्स को वाहन बीमा (Insurance) से जोड़ने पर भी विचार कर रही है। यदि आपके लाइसेंस पर ज्यादा पेनल्टी पॉइंट्स हैं, तो बीमा रिन्यू कराते समय आपको भारी प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।
डिजिटल होगा भारत: RTO जाने का झंझट खत्म
नए नियमों के लागू होने के बाद व्यक्तिगत विवरण जैसे मोबाइल नंबर या घर का पता अपडेट करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। लाइसेंस धारक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं ये बदलाव कर सकेंगे। इसके अलावा, वाहन खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए आधार आधारित वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया जा सकता है।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और फेसलेस बनाने का मुख्य उद्देश्य सिस्टम से भ्रष्टाचार को खत्म करना और पारदर्शिता लाना है। ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस अप्रूवल की प्रक्रिया भी अब पहले के मुकाबले काफी तेज और सटीक होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, अग्रसर भारत।


