देहरादून (अग्रसर भारत डेस्क): उत्तराखंड के सीमांत गांवों को सशक्त और स्वस्थ बनाने की दिशा में धामी सरकार ने एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति में उत्तराखंड शासन और भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बीच ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
108 सीमावर्ती गांवों को मिलेगा सीधा लाभ इस महत्वाकांक्षी अभियान के पहले चरण में पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जनपदों के 108 दुर्गम गांवों को शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पर रहने वाले नागरिकों को उनके घर के पास ही एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
समझौते की मुख्य बातें: * ITBP की भूमिका: सेना के योग्य चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, एमआई रूम और टेली-मेडिसिन की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेंगे।
- राज्य सरकार की जिम्मेदारी: सरकार आवश्यक चिकित्सा उपकरण, दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति, आपातकालीन एयरलिफ्ट (निकासी) और दूरसंचार सहयोग सुनिश्चित करेगी।
- हेल्थ कार्ड: नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का मेडिकल रिकॉर्ड और हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा।
लोकल उत्पादों से चमकेगी सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी अधिकारियों ने एक उत्साहजनक जानकारी साझा की। स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति के पुराने समझौते के तहत नवंबर 2024 से अब तक 11.94 करोड़ रुपये के स्थानीय उत्पादों (भेड़-बकरी, मुर्गा, मछली, दूध, पनीर) की खरीद की जा चुकी है।
-
- वर्ष 2026 का लक्ष्य: आगामी वर्ष के लिए 32.76 करोड़ रुपये की खरीद का प्रस्ताव है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में भारी वृद्धि होगी।
- बिचौलिया प्रथा खत्म: ‘पॉइंट टू पॉइंट मॉडल’ से 550 से अधिक सीमावर्ती निवासी सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।
”स्वस्थ सीमा अभियान केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों में विश्वास और सुरक्षा को मजबूत करने की एक प्रभावी पहल है। यह ‘वाइब्रेंट विलेज’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का सशक्त उदाहरण है, जिससे रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
उपस्थिति इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, सचिव डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम और आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल सहित कई वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।
अग्रसर भारत विशेष: यह समझौता सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर उत्तराखंड के सीमा प्रहरी (ग्रामीणों) को नई मजबूती प्रदान करेगा।


