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8वीं,10वीं और बीबीए के तीन छात्र अलग-अलग पढ़ाई की और अलग-अलग जगह के रहने वाले थे. तीनों छोटा-मोटा काम करते थे, लेकिन इनमें खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे थे. तीनों की मुलाकात हुई. तीनों ने मोटी कमाई का तरीका निकाला और कमाई शुरू कर दी.

रोजाना की कमाई हजारों में पहुंच गयी. तीनों ने अपने शौक पूरे करने शुरू कर दिए. इसी दौरान पुलिस के हत्‍थे चढ़ गए, सच्‍चाई जानकर पुलिस के हो उड़ गए.

गाजियाबाद पुलिस के अनुसार धनंजय 8वीं पास है तथा दिल्ली व गाजियाबाद से लूट, स्नैचिंग व वाहन चोरी आदि में काफी बार जेल जा चुका है. वहां उसकी मुलाकात गंजा से हुई दजिसने बताया कि उड़ीसा से गांजा तस्करी करके लाने व गाजियाबाद दिल्ली एनसीआर में बिक्री करने मे काफी अधिक मुनाफा होता है. जेल से लौटकर वो टैक्सी चलाने लगा लेकिन इसमें ज्यादा आमदनी नहीं होती थी. फिर उसे जेल में हुई बातचीत याद आयी और उड़ीसा से गांजा लाकर गाजियाबाद व दिल्ली एनसीआर में बिक्री करने लगा जिसमें उसको काफी मुनाफा होने लगा.

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उसने अपने साथ अभिषेक व विवेक को भी मिला लिया. अभिषेक कुमार सिंह ने पूछताछ पर बताया कि वह 10 वीं पास है तथा एयरटेल कम्पनी के क्यूआर कोड बनाने का काम करता था. वर्ष 2023 मे वह फर्जी आधार कार्ड रखकर धोखाधड़ी करने में जेल चला गया था, जेल से आने के बाद कोई काम नहीं होने के कारण आमदनी नहीं होती थी, जिससे घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया था, तभी वह धनंजय उपरोक्त के सम्पर्क आकर गांजा तस्करी का काम करने लगा. अभियुक्त विवेक उपरोक्त ने पूछने पर बताया कि वह बीबीए द्वितीय वर्ष का छात्र है तथा टैक्सी ड्राईविंग का भी काम करता था, लेकिन ज्‍यादा आमदनी कम और खर्चे ज्यादा होने व लोगों का काफी उधार हो गया, जिसकी वजह से वो धनंजय उपरोक्त के सम्पर्क मे आकर तस्करी लगा. इस तरह इनकी रोजाना मोटी कमाई होने लगी.