हल्द्वानी
सोशल मीडिया पर कुमाऊंनी संस्कृति, महिलाओं और देवी-देवताओं के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी कर चर्चा में आई ब्लॉगर ज्योति अधिकारी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को द्वितीय अपर सिविल जज की अदालत में ज्योति की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई, जहाँ कोर्ट ने आरोपी का पिछला आपराधिक इतिहास तलब किया है। लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉसीक्यूटर) द्वारा समय मांगे जाने के कारण अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत तब हुई जब ऊंचापुल निवासी जूही चुफाल ने मुखानी थाने में तहरीर दी। शिकायत के अनुसार, ज्योति अधिकारी ने एक वीडियो में हाथ में दरांती लेकर क्षेत्र की महिलाओं और आराध्य देवताओं के खिलाफ बेहद अपमानजनक और अशोभनीय बातें कही थीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कुमाऊं के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिससे धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुईं।
पुलिस की कार्रवाई और नई प्राथमिकी
बृहस्पतिवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्योति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन पर आर्म्स एक्ट के साथ-साथ दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने (धारा 192), धर्म और जाति के आधार पर शत्रुता फैलाने (धारा 196) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने (धारा 299 व 302) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तारी से पहले ज्योति ने एक और वीडियो जारी कर शिकायतकर्ता जूही चुफाल को खुलेआम धमकी दी और ललकारा। इस पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एसआई वीरेंद्र चंद की तहरीर पर ज्योति के खिलाफ ‘आपराधिक धमकी’ देने का एक और मामला दर्ज किया है।
सोमवार को होगी अहम सुनवाई
शुक्रवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत की अपील की, लेकिन अभियोजन पक्ष ने आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की जांच के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए सोमवार तक सुनवाई टाल दी है।
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि, “आरोपी द्वारा वादिनी को धमकाने वाले वीडियो का संज्ञान लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।”


