खबर शेयर करें -

वेकेशन जज न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने एसआईटी और राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

नैनीताल हाईकोर्ट ने बुधवार को यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत की जमानत याचिका पर सुनवाई की। हाकम सिंह ने कहा कि एसआईटी के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। इसी कारण उन्हें निचली कोर्ट से एक मामले में जमानत मिल चुकी है। इसलिए शेष मामलों में भी उन्हें जमानत दी जाए। वेकेशन जज न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने एसआईटी और राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

यह भी पढ़ें -  ​सातताल: आपदा में टूटी पुलिया बनी पर्यटकों के लिए मुसीबत, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

कोरोना अपडेट – 475 सैंपलों की जांच में एक हफ्ते में 11 नए संक्रमित मिले, 15 सक्रिय मरीजों का चल रहा इलाज

मले के अनुसार 2016 में यूकेएसएसएससी ने प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर वीपीडीओ की परीक्षा करवाई थी। आरोप है कि मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत व कई अन्य आरोपियों ने मिलकर उत्तराखंड व यूपी के कई जिलों में इसका प्रश्नपत्र लीक करवाया था।

एसआईटी ने देहरादून के रायपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सबूतों के आधार पर एसआईटी ने हाकम सिंह को 14 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया, तब से वह जेल में बंद है। निचली अदालत की ओर से 31 जनवरी 2023 को संबंधित मामले में एसआईटी की ओर से सबूत पेश न करने पर जमानत दे दी है जबकि अन्य आरोपों में जमानत नहीं दी।

यह भी पढ़ें -  बिन्दुखत्ता: 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान' की तैयारियों को लेकर भाजपा की बैठक संपन्न

उत्तराखंड में प्रशासन की नाक के नीचे नदी गधेरो के किनारे योजनाबद्ध तरीके से बस रही है मुस्लिम बस्ती यूपी से आकर उत्तराखंड में कर रहे हैं अतिक्रमण

यह भी पढ़ें -  ​विशेष विश्लेषण: उत्तराखंड में गैस की किल्लत महज अफवाह, आपूर्ति पूरी तरह सुचारू; भ्रामक खबरों पर शासन सख्त

जमानत याचिका में कहा गया है कि एसआईटी अभी तक उनके खिलाफ निचली अदालत में कोई सबूत पेश नहीं कर पाई है। एसआईटी के पास उनके खिलाफ कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, न ही उसने अभी तक कोई ठोस साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। उनके खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना के चलते आरोप लगाए गए हैं। जबकि वे ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। इसी मामले में निचली अदालत कई अन्य आरोपियों को जमानत दे चुकी है। इसका लाभ उन्हें भी दिया जाए।

 

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad