खबर शेयर करें -

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में तकनीकी डिप्लोमा धारकों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने UKSSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और परीक्षा निरस्त किये जाने के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

यह भी पढ़ें -  ⚠️ लालकुआं रेलवे स्टेशन में सनसनी! बरामदे में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव — हाथ में लखनऊ का टिकट, ठंड से मौत की आशंका!

उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में भ्रष्टाचार, नकल या अनुचित साधनों के लिए शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति को अपनाया गया है।

सीएम ने बताया कि नकल विरोधी कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है और भविष्य में जो भी परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करता पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें -  🚨 लालकुआं में रहस्यमयी वृद्धा! परिवार से भटकी, बोलने में अक्षम… पहचान कराने को सोशल मीडिया पर अभियान शुरू,आप भी कर सकते हैं मदद

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य हर पात्र युवक-युवती को पारदर्शी एवं समयबद्ध अवसर देना है।बेरोजगार संघ प्रतिनिधियों ने भर्ती चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने के लिए और अधिक मजबूत प्रावधानों की मांग की।

यह भी पढ़ें -  ❄️ उत्तराखंड में ख़त्म होगा सूखी ठंड का दौर! 5 दिसंबर से बदलेगा मौसम, पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के आसार 🌧️

मुख्यमंत्री ने इन सुझावों की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सुशासन और निष्पक्ष भर्ती की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

यह मुलाकात युवाओं में पारदर्शी चयन प्रक्रिया और न्याय की उम्मीद को मजबूती देने वाली रही।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad