पिथौरागढ़। देश में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम जनता के साथ-साथ कानून के रखवालों को भी अपना शिकार बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से सामने आया है, जहाँ साइबर ठगों ने एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाते हुए महज कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से ₹1.71 लाख की भारी-भरकम राशि साफ कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
एक ही नंबर से लिंक थे सारे खाते, फिर भी लगी सेंध
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित पुलिसकर्मी संजीव यादव को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्होंने अपने बैंक खाते की शेष राशि (बैलेंस) जाँची। संदिग्ध लेन-देन देखकर उनके होश उड़ गए। विस्तृत जाँच में सामने आया कि 29 मई की देर रात शातिर ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से उनके विभिन्न बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड पर डिजिटल डाका डाला।
अपराधियों ने इतनी चालाकी से काम किया कि कुछ ही मिनटों के भीतर क्रमवार तरीके से पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों सहित क्रेडिट कार्ड से कुल ₹1.71 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के ये सभी खाते और क्रेडिट कार्ड एक ही मोबाइल नंबर से लिंक थे। इसके बावजूद साइबर अपराधियों ने बैंक की सुरक्षा प्रणाली को धता बताते हुए इस वारदात को अंजाम दे दिया।
बेरीनाग कोतवाली में मुकदमा दर्ज, जाँच में जुटी पुलिस
मामले की वर्तमान स्थिति:
पीड़ित पुलिसकर्मी की तहरीर के आधार पर कोतवाली बेरीनाग में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टेक्निकल सेल और साइबर एक्सपर्ट्स यह पता लगाने में जुट गए हैं कि ठगी गई रकम को किस बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की धरपकड़ और ठगी गई राशि की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल ठगी ने एक बार फिर डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा व्यवस्था और आम से लेकर खास तक, सभी के लिए साइबर जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।


