खबर शेयर करें -

India-Pakistan News: आतंकवाद को अपनी विदेश नीति बना चुके पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर बेनकाब किया है. ऑस्ट्रिया दौरे पर पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दुनिया में आतंक का केंद्र भारत के बेहद करीब है.

भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने आतंकवाद को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान को निशाने पर लिया. दो देशों के विदेश दौरे पर साइप्रस के बाद ऑस्ट्रिया पहुंचे जयशंकर ने कहा, ‘आतंकवाद का केंद्र भारत के बेहद करीब है. ऐसे में स्वाभाविक रूप से हमारे अनुभव और सोच एक-दूसरे (भारत-ऑस्ट्रिया) के लिए उपयोगी हैं.’ बिना पाकिस्तान (Pakistani Terrorism) का नाम लिए आतंकवाद पर उसे घेरने की नीति को दुनिया के लिए भारत का संदेश माना जा रहा है कि वह अब आतंकवाद पर कोई भी समझौता करने के मूड में नहीं है.

यह भी पढ़ें -  ⚠️ मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत तक! गैस सप्लाई घटी, उत्तराखंड सरकार ने शुरू की ‘लकड़ी ईंधन’ की तैयारी

आतंकवाद को किसी क्षेत्र तक सीमित नहीं किया जा सकता

ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शैलेनबर्ग के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने कहा कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को किसी एक क्षेत्र के अंदर सीमित नहीं किया सकता. खासतौर पर जब वह नशीले पदार्थों, हथियारों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के अन्य स्वरूपों से गहराई से जुड़ा हुआ है.

यह भी पढ़ें -  ⚠️ मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत तक! गैस सप्लाई घटी, उत्तराखंड सरकार ने शुरू की ‘लकड़ी ईंधन’ की तैयारी

अधिकतर मुद्दों पर भारतऑस्ट्रिया के रुख एक समान

जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद (Pakistani Terrorism) के कारण शांति और सुरक्षा के लिए होने वाले खतरों पर ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री से बातचीत हुई है. इसमें हिंसक चरमपंथ और कट्टरपंथ द्वारा सीमा पार से होने वाला आतंकवाद भी शामिल है. उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर दोनों देशों के रुख बहुत हद तक समान हैं. हालांकि हम अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं और हमारी कुछ बाध्यताएं हैं.

यह भी पढ़ें -  ⚠️ मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत तक! गैस सप्लाई घटी, उत्तराखंड सरकार ने शुरू की ‘लकड़ी ईंधन’ की तैयारी

आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा

उन्होंने कहा कि आतंकवाद (Pakistani Terrorism) भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा है. इसे केवल पीड़त देश ही प्रभावित नहीं होते बल्कि इसे शह देने वाला देश भी बर्बाद हो जाता है. दुनिया के देशों को इसे गुड टैररिज्म और बैड टैररिज्म के रूप में बांटने के बजाय इसे एक बड़ी बुराई के रूप में देखना चाहिए, जो केवल दुनिया को तबाह करने की मंशा रखता है. ऐसी सोच रखने वाले देशों के खिलाफ दुनिया को एकजुट होकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

 

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad