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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से एक अनोखी खबर सामने आई है। राजस्थान के चार छात्रों ने परीक्षा में बैठने के लिए सड़क नहीं बल्कि सीधे हेलिकॉप्टर का सहारा लिया। भारी बारिश और भूस्खलन से रास्ते बंद थे, लेकिन इन छात्रों ने हार नहीं मानी और आसमान से उड़ान भरते हुए परीक्षा केंद्र तक पहुंच गए।


✨ हाइलाइट्स

  • 🌧️ बारिश और भूस्खलन से सभी सड़कें बंद

  • 🚁 छात्रों ने लिया हेलिकॉप्टर का सहारा

  • 💰 प्रति छात्र 5,200 रुपये का किराया

  • 📌 सोशल मीडिया पर वायरल हुई अनोखी कहानी

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📖 पूरी खबर

राजस्थान के बालोतरा के चार छात्र – ओमाराम जाट, मंगाराम जाट, प्रकाश गोदारा जाट और नारपत कुमार – उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी से बीएड कर रहे हैं। इनकी परीक्षा आर.एस. तोलिया पीजी कॉलेज, मुनस्यारी (पिथौरागढ़) में निर्धारित थी।

👉 छात्र 31 अगस्त को हल्द्वानी पहुंचे तो पता चला कि मुनस्यारी जाने वाले सभी रास्ते भूस्खलन के कारण बंद हैं। इससे सभी को डर था कि उनका एक साल बर्बाद हो सकता है।

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इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि हल्द्वानी से मुनस्यारी तक हेरिटेज एविएशन की हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध है। छात्रों ने कंपनी से संपर्क किया और अपनी स्थिति बताई। कंपनी ने तुरंत मदद करते हुए दो पायलटों को भेजा और छात्रों को सुरक्षित एग्जाम सेंटर तक पहुंचाया।

✈️ हेलिकॉप्टर की इस यात्रा का खर्च प्रति छात्र ₹5,200 पड़ा।


🌍 सोशल मीडिया पर वायरल

छात्रों की यह जुगाड़ अब सोशल मीडिया पर छा गई है। लोग इसे छात्रों की “पढ़ाई के प्रति लगन और जिद” बता रहे हैं। वहीं कई यूजर्स ने इसे जुगाड़ू और प्रेरणादायक कदम करार दिया।

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📌 निष्कर्ष
यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा रास्ते की दीवार नहीं बन सकती। इन छात्रों ने साबित कर दिया कि शिक्षा के लिए कोई भी जतन करना सार्थक है। 🎓✨

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