अग्रसर भारत: एकता और अनुशासन का विजय घोष
बिंदुखत्ता की सड़कों पर गूँजा राष्ट्रवाद का स्वर: हिंदू नववर्ष पर RSS का विशाल ‘पथ संचलन’
बिंदुखत्ता (लालकुआं) | 23 मार्च, 2026
भारतीय नव संवत्सर (हिंदू नववर्ष) के पावन उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा बिंदुखत्ता के वीर सावरकर नगर में भव्य और अनुशासित ‘पथ संचलन’ का आयोजन किया गया। पूर्ण गणवेश में सुसज्जित सैकड़ों स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए एकता, अखंडता और अनुशासन का जो परिचय दिया, उसने संपूर्ण क्षेत्र को भगवामय और राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
कदमताल से गुंजायमान हुआ बिंदुखत्ता
रविवार की सायं, बिंदुखत्ता के मुख्य मार्गों पर जब घोष (बैंड) की धुन के साथ स्वयंसेवकों का कारवां निकला, तो दृश्य अत्यंत विहंगम था। हाथों में दंड लिए और पूर्ण अनुशासित पंक्ति में चलते स्वयंसेवकों ने समाज को संगठन की शक्ति का संदेश दिया। संचलन का मार्ग भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण रहा, जहाँ स्थानीय निवासियों और मातृशक्ति ने छतों और द्वारों से स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का उद्घोष
संचलन के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदू नववर्ष के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि:
”हिंदू नववर्ष हमारी गौरवशाली परंपरा और विजय का प्रतीक है। संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक राष्ट्र की रक्षा और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि एक सशक्त और स्वावलंबी भारत का निर्माण करना है।”
प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस विशाल पथ संचलन में संघ के जिला और खंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। अनुशासित स्वयंसेवकों की भारी संख्या ने यह सिद्ध कर दिया कि बिंदुखत्ता क्षेत्र में राष्ट्रवाद की जड़ें अत्यंत गहरी हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति सेवा और समर्पण के संकल्प के साथ हुआ।
फोटो परिचय: हिंदू नववर्ष के अवसर पर बिंदुखत्ता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक।


