
लखनऊ/रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की जेल से रिहाई के कुछ ही मिनटों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। करीब 11 महीने तक जेल में रहने के बाद शनिवार शाम आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जिला कारागार से बाहर आए थे। हालांकि, उनकी रिहाई की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और जेल के बाहर मौजूद ईडी की टीम ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रिहा होकर घर चले गए।
दो दिन पहले हाईकोर्ट से मिली थी राहत
दरअसल, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने से जुड़े मामले में नवंबर 2025 में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद दोनों रामपुर जेल में बंद थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को दोनों की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उनकी सजा पर रोक लगाने का आदेश दिया था, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। शनिवार, 31 अक्टूबर को जेल से बाहर निकलते ही आजम खान को ईडी की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई एक अलग मामले में की गई है, जो रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ा है। जांच एजेंसी विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है।
ईडी के अनुसार, विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी विभागों के धन के इस्तेमाल और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान विश्वविद्यालय परिसर की जमीन और भवनों से संबंधित संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। एजेंसी की जांच में सरकारी धन के कथित इस्तेमाल और निर्माण कार्यों के वित्तीय स्रोतों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
जेल के बाहर तैनात रही पुलिस और सीआरपीएफ
आजम खान की रिहाई की खबर के बाद रामपुर जिला कारागार के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक एकत्रित हो गए थे। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की तैनाती की गई थी। ईडी की टीम भी गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेजों के साथ जेल पहुंची थी। रिहाई के बाद अधिकारियों ने आजम खान को अपने साथ ले लिया।
आजम खान ने कहा- ‘मुसलमान होने की सजा मिल रही है’
ईडी की कार्रवाई के दौरान आजम खान ने मीडिया से बातचीत में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा दी जा रही है। उनका कहना था कि एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा विश्वविद्यालय और बच्चों के लिए स्कूलों का निर्माण करना ही उनके खिलाफ कार्रवाई की वजह बन गया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से आजम खान के खिलाफ हो रही कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
गाजियाबाद की अदालत में पेश किए जाएंगे आजम खान
ईडी की गिरफ्तारी के बाद आजम खान को गाजियाबाद ले जाया गया है, जहां उन्हें विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) अदालत में पेश किया जाना है। जांच एजेंसी इस मामले में उनसे आगे पूछताछ के लिए हिरासत की मांग कर सकती है।
फिलहाल, 11 महीने बाद जेल से बाहर आने के बावजूद आजम खान की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। एक मामले में जमानत मिलने के तुरंत बाद दूसरे मामले में ईडी की गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है।



