breaking news
खबर शेयर करें -

नैनीताल, 04 जून। दिल्ली के भीषण होटल अग्निकांड से सबक लेते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा के मद्देनजर कमर कस ली है। जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने जिले के तमाम होटलों, गेस्ट हाउसों, लॉजों, होमस्टे, शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का व्यापक फायर और आपदा प्रबंधन ऑडिट कराने के कड़े आदेश जारी किए हैं।

​संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन

​जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, विद्युत, जल संस्थान और जिला विकास प्राधिकरण (DDA) के अफसरों को मिलाकर एक संयुक्त चेकिंग टीम बनाई गई है। शहरी क्षेत्रों में नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) और ग्रामीण/तहसील स्तर पर संबंधित एसडीएम (SDM) इस जांच समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीएम ने इस टीम को अगले 15 दिनों के भीतर सभी प्रतिष्ठानों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की डेडलाइन दी है।

यह भी पढ़ें -  (बड़ी खबर) बिंदुखत्ता: ​मीठे के डिब्बे में 'नशीला जहर' रसगुल्ले के डिब्बे से स्मैक बरामद, तस्कर गिरफ्तार

​इन मुख्य बिंदुओं पर होगी पैनी नजर:

    • अग्निशमन व्यवस्था: फायर एनओसी (NOC) की वैधता, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) और फायर फाइटिंग उपकरणों की उपलब्धता।
    • तकनीकी जांच: भवनों की विद्युत वायरिंग की स्थिति और आपदा प्रबंधन की तैयारियां।
    • ढांचागत व्यवस्था: पार्किंग स्पेस, एंट्री-एग्जिट रूट, स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण और इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही के लिए रास्तों की चौड़ाई।

“जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी होटल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या नियम विरुद्ध निर्माण पाया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

— ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी, नैनीताल