लालकुआं। अवैध नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लालकुआं कोतवाली पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बिन्दुखत्ता क्षेत्र से एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 9.12 ग्राम स्मैक बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद स्मैक की कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सघन चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा आरोपी
दरअसल, लालकुआं नगर समेत बिन्दुखत्ता और बरेली रोड के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार और गर्त में जा रही युवा पीढ़ी को देखते हुए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में बुधवार देर शाम प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन राणा और वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट के निर्देशन में बिन्दुखत्ता चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव जोशी के नेतृत्व में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
चेकिंग के दौरान इमली घाट स्थित गौला नदी के पार, ढोराडाम जाने वाले रास्ते पर मोटरसाइकिल (संख्या- UK04AG-8978) से आ रहे एक युवक को पुलिस ने जब रुकने का इशारा किया, तो वह घबराकर पीछे मुड़कर भागने लगा। संदेह होने पर पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही दूरी पर उसे दबोच लिया।
शक्तिफार्म के ‘सोनू सरदार’ से लाता था खेप
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दयानंद आर्य उर्फ दयाल उर्फ दल्लू (निवासी- गांधीनगर द्वितीय, बिन्दुखत्ता) बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 9.12 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह यह स्मैक पिपलिया चौकी, शक्तिफार्म निवासी सोनू सरदार नाम के युवक से ₹3,200 प्रति ग्राम की दर से खरीदकर लाता था और फिर उसकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्थानीय गांवों में महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस अब मुख्य सप्लायर सोनू सरदार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
नशा तस्करों को कोतवाल की दो टूक चेतावनी
कोतवाली में अभियुक्त के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन राणा ने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस टीम: इस कार्रवाई में बिन्दुखत्ता चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव जोशी, आरक्षी वीरेंद्र सिंह और आरक्षी दयाल नाथ मुख्य रूप से शामिल रहे।


