⚖️ नैनीताल में मीट विवाद बना हत्या का कारण, दोषी को उम्रकैद | खड़िया खनन पर हाईकोर्ट सख्त
📍 नैनीताल/बागेश्वर | उत्तराखंड
उत्तराखंड से बुधवार को दो बड़ी खबरें सामने आई हैं—एक ओर हत्या के मामले में अदालत का सख्त फैसला, तो दूसरी ओर अवैध खनन पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी।
🔪 मिर्च ज्यादा होने के विवाद में गई जान
नैनीताल के पहाड़पानी क्षेत्र में 2019 में हुए हत्या मामले में अदालत ने आरोपी ललित मोहन चौसाली को IPC की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
👉 धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मीट में मिर्च अधिक होने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।
👉 आरोपी ने अशोक मेलकानी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
👁️ गवाहों के बयान बने निर्णायक
अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को विश्वसनीय मानते हुए फैसला सुनाया, जबकि बचाव पक्ष के तर्क खारिज कर दिए गए।
🌍 अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त
दूसरी ओर, बागेश्वर में अवैध खड़िया खनन से प्रभावित गांवों के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
⚠️ कोर्ट की सख्त टिप्पणी
👉 165 खनन इकाइयों से जुड़े मामलों पर संयुक्त सुनवाई
👉 पर्यावरण मंत्रालय से कार्रवाई का ब्योरा मांगा
👉 स्टेट इन्वायरमेंट कमेटी के गठन पर भी सवाल
📅 मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।
💬 बड़ी चिंता क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित खनन, पर्यावरणीय नुकसान और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।


