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हल्द्वानी/बिन्दुखत्ता (नैनीताल):

बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की दशकों पुरानी मांग अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों के बाद प्रशासन ने वनाधिकार अधिनियम के तहत कार्यवाही दोबारा शुरू कर दी है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हल्द्वानी, राहुल शाह ने बिन्दुखत्ता वनाधिकार समिति के पदाधिकारियों को 26 दिसंबर 2025 (कल) को दोपहर 3:00 बजे एन.आई.सी. कक्ष हल्द्वानी में साक्ष्यों के साथ तलब किया है।

रुकी हुई फाइल फिर हुई सक्रिय

​उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा राजस्व गांव की पत्रावली को कुछ तकनीकी कारणों से उपखंड समिति को वापस भेज दिया गया था। अब 11 नवंबर 2025 को हुई समीक्षा बैठक के बाद, जिलाधिकारी ने वनाधिकार अधिनियम, 2006 (संशोधित नियमावली 2012) के प्रावधानों के तहत संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर प्रदान करने और पत्रावली का पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

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समिति को पेश करने होंगे पुख्ता दावे

​उपजिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, बिन्दुखत्ता वनाधिकार समिति को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वनाधिकार संबंधित दावों के पक्ष में लिखित अभिकथन और मौखिक साक्ष्य लेकर बैठक में उपस्थित हों। यह बैठक बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक पहल मानी जा रही है।

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अधिकारियों की तैनाती के कड़े निर्देश

​प्रशासनिक गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसडीएम ने समाज कल्याण विभाग, वन विभाग (तराई पूर्वी) और जिला पंचायत को कड़े निर्देश दिए हैं कि बैठक से पूर्व अपने नामित अधिकारियों और सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। अब तक अधिकारियों के नामित न होने पर भी पत्र में नाराजगी व्यक्त की गई है।

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बैठक में ये रहेंगे मौजूद:

  • उपजिलाधिकारी हल्द्वानी (अध्यक्ष)
  • तहसीलदार लालकुआं व हल्द्वानी
  • वनाधिकार समिति बिन्दुखत्ता के पदाधिकारी
  • जनजाति कल्याण एवं वन विभाग के अधिकारी

अग्रसर भारत का विश्लेषण: बिन्दुखत्ता के हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में प्रशासन की यह सक्रियता एक नई उम्मीद जगाती है। यदि कल की बैठक में दावे और साक्ष्य मजबूती से रखे जाते हैं, तो राजस्व गांव की राह की बाधाएं दूर हो सकती हैं।

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