हल्द्वानी। यहाँ के पीएसपी (PSP) अस्पताल में उपचार के दौरान बागेश्वर निवासी एक बुजुर्ग मरीज की मौत के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। परिजनों द्वारा अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों के बाद, जिलाधिकारी (DM) नैनीताल के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति का गठन कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी।

एडीएम विवेक राय करेंगे कमेटी की अध्यक्षता
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गठित विशेष जांच समिति उनकी अध्यक्षता में काम करेगी। इस उच्चस्तरीय समिति में हल्द्वानी के नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट), अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (ACMO) हल्द्वानी और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) नैनीताल द्वारा नामित एक विशेषज्ञ हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
इन बिंदुओं पर होगी गहनता से जांच
गठित जांच समिति मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं की समीक्षा करेगी:
- मृतक प्रेम गिरी (65 वर्ष, निवासी मंडलसेरा, बागेश्वर) के इलाज, ऑपरेशन और मेडिकल मैनेजमेंट से जुड़े सभी ओरिजिनल दस्तावेजों की पड़ताल।
- उपचार के दौरान डॉक्टरों द्वारा अपनाई गई चिकित्सीय प्रक्रियाओं और निर्धारित गाइडलाइंस के पालन की जांच।
- परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों का जमीनी व तथ्यात्मक सत्यापन।
- अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रचलित नियमों, मानकों और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन की समीक्षा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अस्पताल प्रशासन या डॉक्टरों की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए रिपोर्ट सौंपी जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समिति अपने सुझाव भी देगी।
जनता से अपील: 7 दिनों के भीतर दर्ज कराएं बयान या साक्ष्य
अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने आम जनता और घटना से जुड़े लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस मामले से संबंधित कोई प्रामाणिक जानकारी, साक्ष्य, वीडियो या लिखित/मौखिक बयान हो, तो वह इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से 7 दिनों के भीतर जांच समिति के किसी भी सदस्य अधिकारी के कार्यालय में जाकर अपना पक्ष रख सकता है। इसके अलावा, प्रासंगिक जानकारी को पंजीकृत डाक (रजिस्टर्ड पोस्ट) के माध्यम से भी भेजा जा सकता है।


