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अल्मोड़ा जिले के मार्चुला में 36 लोगों की मौत के बाद अब पुलिस हरकत में आई है। डीजीपी अभिनव कुमार ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इसके खिलाफ 10 नवंबर से पूरे राज्य में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि राज्य में पिछले 10 साल में ओवरलोडिंग की वजह से हुए हादसों के स्पॉट चिह्नित किए जाएं। 

मंगलवार को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये डीजीपी अभिनव कुमार ने अपराध, कानून व्यवस्था एवं यातायात प्रबन्धन को लेकर गोष्ठी की। निर्देशित किया कि 10 नवंबर से ओवरलोडिंग वाहनों, डग्गामार वाहनों, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सभी जनपदों में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करें।

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नियमों का उलंघन करने वाले वाहन मालिक, ड्राइवर, कंडक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाय। प्रदेश में पिछले 10 साल में ओवरलोडिंग के कारण हुए सड़क दुर्घटना के हॉट स्पाट चिह्नित कर ऐसे स्थानों पर साइनएज बोर्ड, ग्लोइंग बोर्ड, क्रेश बैरियर लगाए जाएं। इसके अलावा धरना व जलूस प्रदर्शन के जरिये नेशनल हाईवे बाधित करने, रेल रोकने पर मुकदमे दर्ज किए जाएं।

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अपराध को लेकर उन्होंने कहा, सम्पत्ति की बरामदगी 61 प्रतिशत से नीचे प्रोफोर्म करने वाले जनपद सम्पत्ति की बरामदगी प्रतिशत में वृद्धि करें। मैदानी व पहाड़ी जनपदों के अपराध सम्बन्धी आंकडों का तुलनात्मक मूल्यांकन अलग-अलग किया जाए। इनामी अपराधियों और ऑपरेशन स्माइल में गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें।

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बीएनएस पर जनपद प्रभारी अध्ययन करें। वर्ष 2025 से जनपद प्रभारी पर्यवेक्षण के लिए उत्तरदायी होगें। आगामी वर्ष में चारधाम यात्रा को निर्बाध रूप से सम्पन्न कराने के लिए अभी से होमवर्क कर लें। इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल केएस नागन्याल, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनन्द भरणे, निदेशक यातायात अरूण मोहन जोशी, पुलिस उपमहानिरीक्षक सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस, पुलिस उपमहानिरीक्षक पी रेणुका देवी आदि थे।

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