

देहरादून (न्यूज़ डेस्क):
उत्तराखंड में अपनी छह सूत्रीय जायज मांगों को लेकर ‘पैक्स सचिव, कर्मचारी संयुक्त संगठन’ का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। सहकारिता रजिस्ट्रार कार्यालय, मियाँवाला (देहरादून) में चल रही कर्मचारियों की हड़ताल आज 9वें दिन में प्रवेश कर गई है। प्रदेश भर से आए सैकड़ों महिला व पुरुष कर्मचारी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरना स्थल पर पूरी दृढ़ता के साथ डटे हुए हैं।
किसानों पर बढ़ा संकट, 1600 करोड़ रुपये फंसे
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण राज्यभर में समिति कार्यालय पूरी तरह बंद पड़े हैं। इसके चलते किसानों को खाद, बीज और ऋण मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, ग्रामीण बचत केंद्रों में किसानों के 1600 करोड़ रुपये से अधिक फंसे हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
14 से क्रमिक अनशन, 16 अक्टूबर को सचिवालय घेराव
कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन-प्रशासन के साथ दो दौर की वार्ता हो चुकी है। वार्ता के दौरान मांगों को जायज मानते हुए कार्यवृत्त (Minutes) तैयार कर रजिस्ट्रार को सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन के इस उपेक्षात्मक रवैये से नाराज होकर कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने का बड़ा फैसला किया है:
- 14 अक्टूबर 2026: कर्मचारी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।
- 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार): संशोधित कार्यक्रम के तहत देहरादून में विशाल सचिवालय घेराव किया जाएगा।
सहकारिता घोटालों का दस्तावेजों के साथ होगा पर्दाफाश
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हर्षमणि नौटियाल ने शासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कल से सहकारिता क्षेत्र में हुए विभिन्न घोटालों के दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित मामलों में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा करने की बात कही:
- 670 पैक्स (PACS) में कंप्यूटराइजेशन और सॉफ्टवेयर के नाम पर हुआ करोड़ों का घोटाला।
- संयुक्त सहकारी समिति मामला।
- पोल्ट्री फार्म यूनिट मामला।
- विगत वर्षों में हुए अन्य वित्तीय घोटाले।
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि वह मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत वार्ता की पहल करे और न्यायोचित समाधान निकाले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा और इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान धरना-प्रदर्शन में संगीता, दीपा, ममता दानू, बीना, ऊषा कठैत, मीनाक्षी, नेहा, योगेश, सुषमा, कंचन, रजनी, विपिन सैनी, गोकुल चमोली सहित कई कर्मचारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
(रिपोर्ट: संदीप पैन्यूली, मीडिया प्रभारी – पैक्स सचिव कर्मचारी संयुक्त संगठन, उत्तराखंड)



