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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा में पहुंच रहे तीर्थ यात्री घोड़े-खच्चरों से यात्रा करने के दौरान चोटिल हो रहे हैं. ऐसे में तीर्थ यात्रियों की मदद को लेकर जिला प्रशासन तत्परता से कार्रवाही कर रहा है. घायल यात्रियों को हेली सेवा की मदद से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा रहा है.

शनिवार सुबह केदारनाथ धाम की घोड़े से यात्रा कर रहे ऋषिराज सिंह पुत्र रविराज भदौरिया, कानपुर उत्तर प्रदेश कुबेर ग्लेशियर के समीप से नीचे गिर गए. सूचना मिलते ही तत्काल एनडीआरएफ की टीम घायल यात्री को कुबेर ग्लेशियर से प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र बड़ी लिनचौली लाया गया. घायल यात्री के स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) और पेल्विक (कमर) क्षेत्र में चोट पाई गई.

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स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टर के चिकित्सकीय परामर्श तथा सेक्टर अधिकारी बड़ी लिनचौली नन्दन सिंह रजवार के निर्देश पर घायल यात्री को हेली सेवा के माध्यम से रेफर किया. ट्रांस भारत हेली सर्विस के माध्यम से घायल यात्री को बड़ी लिनचौली हेलीपैड से गुप्तकाशी के लिए रवाना किया गया.

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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया केदारनाथ धाम पहुंच रहे तीर्थ यात्रियों के घोड़ा खच्चर या अन्य किसी कारण के घायल होने पर त्वरित गति से राहत बचाव का कार्य किया जा रहा है. साथ ही हेली सेवा के माध्यम से गुप्तकाशी पहुंचाया जा रहा है. जिससे यात्री को समय से बेहतर इलाज मिल सके.

मन्दाकिनी नदी किनारे हाथ मुंह धोने गए एक नेपाली मजदूर का पैर फिसल गया. जिससे वह नदी के तेज बहाव में बहकर दूसरे किनारे फंस गया. सूचना पर तत्काल अपर उप निरीक्षक भूपाल सिहं गुसाईं के नेतृत्व में पुलिस टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे. टीम ने स्थानीय लोगों की सहायता से नदी के दूसरे किनारे फंसे लक्ष्मण पुत्र सिद्धि लाल, निवासी जुमला, नेपाल, हाल गौरीकुण्ड को रस्सियों की मदद से सकुशल निकाला.