खबर शेयर करें -

गुजरात का सोमनाथ मंदिर बीजेपी के राजनीतिक उभार का सबसे महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है. पार्टी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ की इसी धरती से रथयात्रा की शुरूआत की थी, जो कि अयोध्या तक जानी थी. इस रथयात्रा का मक़सद राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा था. इस रथयात्रा के सारथी नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) भी थे और कई राज्यों से यह यात्रा गुजर रही थी. जिस हिंदुत्व के मुद्दे पर बीजेपी ने लोगों को जगाने का काम किया, आखिर उस सोमनाथ (Somnath Assembly Seat) में ग्राउंड जीरो पर इस समय क्या चल रहा है ? सोमनाथ में जनता के मुद्दे क्या हैं? 2017 के चुनाव में बीजेपी सोमनाथ में सफल क्यों नहीं हो पाई थी. इस बार के चुनाव में जनता के मुद्दे क्या रहने वाले हैं.

सोमनाथ में हिंदुत्व बड़ा मुद्दा

यह भी पढ़ें -  'भारत माता की जय' से गूंजा बिंदुखत्ता का कार रोड: कांग्रेसियों ने निकाली विशाल तिरंगा यात्रा

लोगों से बात करने पर एक व्यक्ति ने कहा कि इलाके (Somnath Assembly Seat) में हिंदुत्व एक बड़ा मुद्दा है. हमार लिए हिंदुत्व चुनाव में भी एक मुद्दा है. आजाद भारत के बाद पीएम मोदी के अलावा हिंदुत्व पर किसी ने काम ने किया है. अयोध्या, महाकाल, सोमनाथ, काशी हर जगह का विकास हो रहा है. मोदी सरकार के बाद हिंदुत्व और महत्वपूर्ण हो गया है. हिंदुत्व गुजरात समेत पूरे भारत का एक अहम मुद्दा है.

जाति का समीकरण भी अहम

एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पीएम मोदी (Narendra Modi) ने बहन बेटियों का इज़्ज़त बचाई है. अब महिलाएं देर रात तक घूम सकती हैं. उन्हें कोई हाथ नहीं लगाएगा, ये सुरक्षा मोदी ने दी है. एक वोटर ने इलाके का समीकरण समझाते हुए कहा कि यहां पर पिछले चुनाव में जीतने वाला प्रत्याशी कांग्रेस में यादव समाज से था. उनका दबदबा रहता है. वह क़द्दावर नेता रहा है. लेकिन वो इस बार बीजेपी में आ गया है. यहां पर जातीय समीकरण एक मुद्दा है. लेकिन सोमनाथ (Somnath Assembly Seat) में बीजेपी ही आनी चाहिए.

यह भी पढ़ें -  ​लालकुआं: समिति चुनाव की आचार संहिता का पूर्ण पालन करते हुए देशभक्ति के साथ संपन्न हुआ उत्सव, वीडियो

मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन हैं पीएम मोदी

सोमनाथ मंदिर हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केन्द्र है. सरदार वल्लभ भाई पटेल ने यह प्रण किया था कि वो सोमनाथ मंदिर का निर्माण कराएंगे. दरअसल 13 नवंबर 1947 को सरदार पटेल ने देश की जनता से वादा किया था कि वो भव्य सोमनाथ मंदिर बनवाएंगे. आज का मौजूदा सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) सरदार पटेल के द्वारा बनवाया गया है. नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के सीएम बने तो उसके बाद से लगातार सोमनाथ का कायाकल्प करने में जुटे रहे. पीएम मोदी ने सोमनाथ के विकास में कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए. इस समय पीएम मोदी सोमनाथ ट्रस्ट के चेयरमैन भी हैं और यहां के विकास को लेकर लगातार फैसले किए जाते है.

यह भी पढ़ें -  लालकुआँ: यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने फहराया तिरंगा; बोले- 'सुरक्षा, गुणवत्ता और अनुशासन ही सच्ची स्वतंत्रता'

इलाके में कमल खिलाने की कोशिश

सोमनाथ (Somnath Assembly Seat) का सबसे बड़ा मुद्दा विकास का दिख रहा है. यहां पर लोग हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनावी चर्चा करते नजर आए हैं. सोमनाथ में जातीय समीकरण को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है. वर्ष 2017 के चुनाव में जातीय समीकरण के सहारे कांग्रेस ने सोमनाथ में शानदार सफलता हासिल की थी, इस बार देखना यह होगा कि क्या बीजेपी इस बार जातीय समीकरण फिट करने में सफल हो पाएगी. यही वजह है कि सोमनाथ में दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने बड़ी जनसभा को संबोधित किया. सोमनाथ में बीजेपी और कांग्रेस में सीधा मुक़ाबला दिखाई पड़ता है.

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad