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पुलिस के अनुसार लाइन नंबर आठ बनभूलपुरा निवासी 26 वर्षीय नईम पुत्र कल्लू कबाड़ की दुकान चलाता था। कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका उपचार चल रहा था। गुरुवार को नईम चोरगलिया रेलवे क्रासिंग के पास चला गया।

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सिस्टम की लापरवाही एक और युवक की जिंदगी पर भारी पड़ते हुए दिखी। चोरगलिया रेलवे क्रासिंग के पास ट्रेन की चपेट में आकर युवक के दोनों पैर धड़ से अलग हो गए। स्वजनों का आरोप है कि आधे घंटे तक घायल रेलवे पटरी के किनारे तड़पता रहा।

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एंबुलेंस फोन करने के आधे घंटे तक नहीं पहुंची तो घायल को ई-रिक्शा से डा. सुशीला तिवारी अस्पताल लाया गया। जहां से उसे रेफर कर दिया है। युवक की जिंदगी खतरे में है।

पुलिस के अनुसार लाइन नंबर आठ बनभूलपुरा निवासी 26 वर्षीय नईम पुत्र कल्लू कबाड़ की दुकान चलाता था। कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका उपचार चल रहा था। गुरुवार को नईम चोरगलिया रेलवे क्रासिंग के पास चला गया।

शताब्दी ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों पैर धड़ से कटकर अलग हो गये। हादसा होते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर एकत्र हुए और घायल के स्वजनों व एंबुलेंस 108 में फोन किया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सूचना के आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। युवक तड़पता रहा।

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मौके पर घायल का भाई सलीम उसे ई-रिक्शा में डालकर डा. सुशीला तिवारी अस्पताल ले गया। बेहतर उपचार के लिए उसे बरेली रेफर कर दिया है। स्वजनों का आरोप है कि समय से एंबुलेंस नहीं पहुंची। इससे घायल की जान को खतरा है। वहीं, एंबुलेंस के नहीं पहुंचने पर घटनास्थल पर मौजूद भीड़ ने कड़ी नाराजगी जताई। पुलिस के समझाने के बाद भीड़ छटीं।

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एंबुलेंस के नहीं पहुंचने का कारण क्या रहा। इस मामले की जानकारी लेकर जांच करवाई जाएगी। हादसा कि सूचना थी तो एंबुलेंस को समय से पहुंचना चाहिए था।

भागीरथी जोशी, सीएमओ।

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