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विजिलेंस कार्यालय हल्द्वानी के अनुसार मल्लीताल निवासी दीपेंद्र थापा नाम के ठेकेदार ने 17 जून 2016 को शिकायत करते हुए कहा था कि नैनीताल नगरपालिका के अवर अभियंता (सिविल) ईश्वरी सिंह रौतेला ने उससे 20 हजार रुपये की डिमांड की है। मामला भुगतान से जुड़ा था। निर्माण कार्य से जुड़े कुछ बिल इंजीनियर स्तर पर अटके थे। जांच में शिकायत सही मिली।

घूस लेने के आठ साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नीलम रात्रा की अदालत ने इंजीनियर को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार का अर्थदंड लगाया है।

विजिलेंस कार्यालय हल्द्वानी के अनुसार, मल्लीताल निवासी दीपेंद्र थापा नाम के ठेकेदार ने 17 जून 2016 को शिकायत करते हुए कहा था कि नैनीताल नगरपालिका के अवर अभियंता (सिविल) ईश्वरी सिंह रौतेला ने उससे 20 हजार रुपये की डिमांड की है। मामला भुगतान से जुड़ा था। निर्माण कार्य से जुड़े कुछ बिल इंजीनियर स्तर पर अटके थे। जांच में शिकायत सही मिली।

20 जून को तत्कालीन विजिलेंस निरीक्षक अरविंद सिंह डंगवाल के नेतृत्व में टीम ने इंजीनियर को ठेकेदार से 20 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था, जिसके बाद से न्यायालय में मामले की सुनवाई चल रही थी। विवेचना इंस्पेक्टर केवलानंद आर्य ने की। वहीं, अभियोजन अधिकारी दीपा रानी ने कोर्ट के समक्ष 11 लोगों को बतौर गवाह परीक्षण करवाया, जिसके बाद न्यायालय ने अवर अभियंता को तीन साल की सजा सुनाई। वह मूल रूप से रौतेला कोट पोस्ट जोस्यूड़ा धारी तहसील का निवासी है।

अपील: यहां जरूर करें शिकायत

प्रभारी एसपी विजिलेंस अनिल सिंह मनराल ने अपील करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए आम लोग भी सहयोग कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर 1064 और 05946-246372 पर आई सूचनाओं की गोपनीय तरीके से जांच होगी।

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