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शहर में घर का नक्शा बनाने के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिला विकास प्राधिकरण में मानचित्र (नक्शा) नवीनीकरण की प्रक्रिया में पता चला कि करायल जौलासाल निवासी भवन स्वामी का नक्शा फर्जी मुहर और फर्जी हस्ताक्षर से पास किया गया था। अब आरोपी पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।

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जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त सचिव ऋचा सिंह ने बताया कि भवन का नक्शा पास कराने के बाद अगर किसी कारणवश कार्य शुरू नहीं करा पाते हैं तो पांच वर्ष के बाद उसका नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया है। इसके बाद एक-एक साल में नवीनीकरण होता है। करायल जौलासाल निवासी राम सिंह ने एक मानचित्र नवीनीकरण के लिए कार्यालय में भेजा था। इसमें अधिकारियों के हस्ताक्षर आदि को लेकर संदेह हुआ तो कार्यालय में मौजूद अभिलेखों से मिलान कराया गया। इसमें संबंधित मानचित्र के पास होने का उल्लेख नहीं था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को बुलाया गया। उसने बताया कि पांच साल पहले उसने एक व्यक्ति से नक्शा बनवाया था। कूटचरित तरीके से नक्शा बनाया गया था। इसमें अवर अभियंता समेत प्राधिकरण अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करने के साथ फर्जी मुहर का इस्तेमाल किया गया था। संयुक्त सचिव ऋचा सिंह का कहना है कि फर्जी नक्शा बनाने वाले लालडांठ सरस्वती विहार निवासी गोविंद पाटनी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

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