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झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक सील किया गया है. साथ ही 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. खास बात ये क्लीनिक संचालक ने पंजीकरण तो आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के तहत कराया था, लेकिन इलाज एलोपैथिक के जरिए करता पकड़ा गया.

तमाम कोशिशों के बावजूद भी रामनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित हो रहे हैं. जहां झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे में इन झोलाझाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इस बार भी पीरुमदारा क्षेत्र में एक क्लीनिक में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. जहां क्लीनिक को सील कर दिया गया और डॉक्टर पर 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.

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दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रशांत कौशिक और तहसीलदार कुलदीप पांडे ने पीरुमदारा पुलिस चौकी इंचार्ज राजेश जोशी के साथ पीरुमदारा में बंगाली क्लीनिक में छापेमारी की. जहां टीम ने क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की. डॉक्टर प्रशांत कौशिक ने बताया कि पीरुमदारा निवासी एक शख्स ने सीएम पोर्टल में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी. जिसके तहत छापेमारी की यह कार्रवाई की गई.

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उन्होंने बताया कि जब टीम मौके पर पहुंची तो बंगाली क्लीनिक के संचालक ने पंजीकरण तो आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के तहत कराया था, लेकिन वो गैर कानूनी तरीके से एलोपैथिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों का इलाज कर रहा था. मौके पर दो लोगों को ड्रिप भी चढ़ाई जा रही थी, जो कि पूरी तरह से अपराध की श्रेणी में आता है. इससे पहले भी इस क्लीनिक को दो बार सील करने की कार्रवाई की गई, लेकिन फिर भी संचालक बाज नहीं आया.

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वहीं, डॉक्टर कौशिक ने बताया कि क्लीनिक में एक मेडिकल स्टोर भी संचालित हो रहा था, लेकिन मौके पर पंजीकृत मेडिकल स्वामी का कुछ जानकारी नहीं मिल पाई. ऐसे में संबंधित क्लीनिक को सील कर दिया गया है. संचालक पर गैर कानूनी ढंग से एलोपैथिक इलाज करने पर 10 हजार रुपए और बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण का कोई प्रमाण न मिलने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

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