देहरादून। भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, सादगी की प्रतिमूर्ति और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल आदरणीय श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए दी गई इस घोषणा के बाद पूरे प्रदेश में खुशी और गौरव का माहौल है।
सादगी और संघर्ष का दूसरा नाम ‘कोश्यारी’
’भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय श्री कोश्यारी जी का जीवन देवभूमि की परंपराओं और मूल्यों का प्रतिबिंब है। एक शिक्षक से अपने करियर की शुरुआत करने वाले कोश्यारी जी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और फिर महाराष्ट्र के राज्यपाल के संवैधानिक पद तक का सफर अपनी मेहनत और विद्वत्ता के दम पर तय किया।
उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण
यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड की अस्मिता और संघर्ष का सम्मान है। सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक, लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। उनके आत्मीय मार्गदर्शन और सरल स्वभाव ने उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर वर्ग का चहेता बनाया है।
”भगत सिंह कोश्यारी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी सादगी हमें सिखाती है कि पद चाहे कितना भी बड़ा हो, जड़ें हमेशा अपनी मिट्टी से जुड़ी होनी चाहिए।”
संक्षिप्त परिचय एवं उपलब्धियां:
- राज्य आंदोलन: उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर संघर्षरत रहे।
- मुख्यमंत्री कार्यकाल: उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के विकास की नींव रखी।
- संसदीय अनुभव: राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों के सदस्य रहे।
- संवैधानिक पद: महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में एक लंबा और चुनौतीपूर्ण कार्यकाल पूरा किया।
यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक संदेश है कि ईमानदारी और समर्पण से किया गया कार्य एक दिन राष्ट्र स्तर पर अपनी पहचान जरूर बनाता है।


