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नैनीताल (सातताल): झीलों की नगरी नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सातताल में पर्यटकों की सुरक्षा दांव पर है। पिछले दिनों आई दैवीय आपदा के कारण झील की मुख्य पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जो अब तक बदहाली का शिकार है। ग्रीष्मकालीन सीजन शुरू होने के साथ ही यहाँ हजारों की संख्या में पर्यटक पहुँच रहे हैं, जिन्हें इस टूटी पुलिया से आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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प्रशासन की अनदेखी से बढ़ता खतरा

​टूटी हुई पुलिया के कारण यहाँ आने वाले सैलानियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के गिरने का भय बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की इस लापरवाही के चलते कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद इस मार्ग की मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

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सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई आवाज

​सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी और पूर्व सभासद प्रदीप कुमार ‘बबलू’ ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से इस पुलिया के अविलंब पुनर्निर्माण की मांग की है।

​”हमने पूर्व में भी सिंचाई विभाग को इस समस्या से अवगत कराया था। विभाग का कहना था कि आपदा मद से बजट आवंटन के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।”

पूरन बृजवासी, सामाजिक कार्यकर्ता

शीघ्र निर्माण की मांग

​क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पर्यटन सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर बजट जारी करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उच्च गुणवत्ता के साथ इस पुल का नवनिर्माण नहीं किया गया, तो पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय पर भी बुरा असर पड़ेगा।

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