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कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सीउरा ग्राम सभा के लम्मही स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूर की हत्या का पुलिस ने शनिवार ने खुलासा कर दिया। मृतक की पत्नी ही प्रेमी के साथ मिलकर मजदूर की गला रेतकर हत्या की थी।

दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद पत्नी अपने चार बच्चों व पति के बगल में लेट गई और सुबह होने का इंतजार करने लगी थी।
सीउरा ग्राम सभा के लम्हुही पर रकौल निवासी राजेश यादव का ईंट भट्ठा है। मई माह के अंत में इसहागपुर थाना हलधरपुर जनपद मऊ निवासी डब्लू राम (48) काम करने अपने परिवार के साथ आया। वह ईंट की पथाई का काम करता था। उसकी पत्नी उषा देवी (30) के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। वह पूरे परिवार के साथ ईट के छल्ली पर सो रहा था। 3 जून सोमवार की सुबह करीब छह बजे बड़ी बेटी सुंदरी (10) पिता को उठाने के लिए पहुंची तो चीख पड़ी। डब्लू राम का गला आगे और पीछे से रेता था, शव खून से लथपथ था। एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने जांच की तो पता चला कि डब्लू राम दो माह पहले बरेसर स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम करता था। उसकी पत्नी ऊषा देवी, वहीं के कन्हौरा खुर्द निवासी अभिषेक कुमार (22) से प्यार करने लगी। वो उसी के साथ रहना चाहती थी। इसके अतिरिक्त उसने समूह से 70-80 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे वह चुकाना नहीं चाहती थी। उसने प्रेमी को बताया कि पति-पत्नी में किसी एक की मृत्यु हो जाती है तो समूह का पैसा वापस नहीं करना पड़ता है। ऐसे में पति को रास्ते से हटा दिया जाए तो पैसा भी नहीं देना पड़ेगा और वो दोनों साथ में रह भी सकेंगे। इसलिए दोनों ने मिलकर डब्लू राम के हत्या की योजना बनाकर दो जून की देर रात वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद प्रेमी फरार हो गया और ऊषा देवी अपने बच्चों के बगल और पति के शव के पास लेट गई और सुबह का इंतजार करने लगी। फिलहाल, पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है ।
पत्नी ने दबाया था पैर, प्रेमी ने रेता था गला
पुलिस के मुताबिक योजना के तहत प्रेमी ने सो रहे डब्लू राम का पहले आगे से गला रेता। इस दौरान ऊषा पति का दोनों पैर दबाई थी। जब डब्लू तड़पते हुए पलटा तो पीछे से भी उसका गला रेत दिया। दोनों उसे तब तक पकड़े थे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद हत्या में प्रयुक्त बघारी (चाकू) झाड़ी में छुपा दिया था।
शुरू में दूसरे पर शक जाहिर करने लगी थी पुलिस
ऊषा पति की मौत पर इस कदर रोने-बिलखने का नाटक की थी पुलिस को उसपर शक ही नहीं हुआ। पुलिस ने ऊषा और बेटी सुंदरी से पूछताछ की थी। बेटी ने बताया कि छोटा भाई कृष देर शाम एक बल्ब का होल्डर लेकर खेल रहा था। रांची के एक मजदूर से इसी बात को लेकर पिता से झगड़ा हो गया था। सुंदरी ने बताया कि स्कूल बंद होने से हम लोग ईंट भट्टे पर पापा के साथ रह रहे थे। जिस मजदूर से विवाद हुआ था, वह सुबह ईंट भट्टे पर मौजूद नहीं था। पुलिस रांची के एक मजदूर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। लेकिन, सच्चाई का पता चलने पर पुलिस ने उसे छोड़कर मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरी घटना का खुलासा हो गया।

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