नैनीताल/हल्द्वानी।
गौला नदी के विभिन्न खनन गेटों पर पिछले कई दिनों से मिल रही अवैध खनन और सरेंडर किए जा चुके वाहनों के संचालन की शिकायतों के बाद प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के कड़े निर्देशों पर परिवहन विभाग ने खनन क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान खनन कार्य में लगे वाहनों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ बेहद कठोर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
3 टीमों ने घेरे गौला के खनन गेट
जिलाधिकारी के निर्देश मिलते ही संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविंद पांडे ने तत्काल तीन विशेष टीमों का गठन कर गौला खनन क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बेरी पड़ाव गेट, आंवला चौकी गेट, मोटाहल्दू गेट और लालकुआं गेट पर चौतरफा घेराबंदी की गई।
50 से अधिक चालान, 5 डंपर सीज
इस महाअभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने 50 से अधिक वाहनों के चालान काटे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई ऐसे वाहन भी पकड़े गए जिनके दस्तावेज (कागजात) आरटीओ कार्यालय में सरेंडर (जमा) थे, लेकिन वे बिना किसी वैध प्रपत्र के धड़ल्ले से ओवरलोडेड खनन सामग्री ढो रहे थे। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे 5 ओवरलोडेड डंपर वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
कार्रवाई में शामिल टीम:
इस व्यापक अभियान को एआरटीओ (प्रवर्तन) जितेंद्र सांगवान, परिवहन कर अधिकारी अपराजिता पांडेय, परिवहन उपनिरीक्षक गिरीश कांडपाल और उनके प्रवर्तन कर्मियों की टीम ने अंजाम दिया।
विभाग की सख्त चेतावनी: आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत रूप से संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि:
- जिन लोगों ने अपने वाहनों के प्रपत्र आरटीओ में सरेंडर कराए हैं, वे किसी भी स्थिति में सड़कों पर वाहन न उतारें।
- यदि वाहन चलाना है, तो आरटीओ कार्यालय से नियमानुसार अपने दस्तावेज वापस प्राप्त करें और कानूनी तरीके से ही संचालन करें। नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


