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नगर निगम से सेवानिवृत्ति के बाद मिली रकम से दलित समाज के व्यक्ति ने एक जमीन का सौदा किया। इसके लिए उसने हजारों रुपये बतौर बयाना दिया, लेकिन जब जमीन को बेचने वाले को पता लगा कि जमीन खरीदने वाला दलित समाज से है तो उसने सौदा तोड़ दिया। जिसके बाद दलित समाज के लोग कोतवाली पहुंच गए। हंगामा किया और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

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गांधीनगर वार्ड 27 निवासी सुरेश कुमार वाल्मीकि ने बताया कि वह नगर निगम से सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने डहरिया में एक जमीन देखी, जो सामान्य जाति के व्यक्ति की थी। पसंद आने पर जमीन का सौदा 30 लाख में तय कर लिया। पांच दिन पहले उन्होंने बयाने के तौर पर 50 हजार रुपये भी दे दिए। कुछ दिन पहले वह जमीन पर गए थे और वहां उन्हें एक परिचित देख लिया था।

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इसके बाद वह घर पहुंचे तो उनके पास जमीन मालिक का फोन आ गया। सुरेश का आरोप है कि फोन पर जमीन मालिक ने यह कहते हुए सौदा रद्द कर दिया कि वह दलित समाज से है। जिसके बाद लोग कोतवाली पहुंच गए और कोतवाल का घेराव कर लिया।

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कोतवाल को जमीन मालिक के खिलाफ तहरीर सौंपते हुए सुरेश ने उन्हें जमीन दिलाने की मांग की है। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि मामले में दूसरे पक्ष को बातचीत के लिए बुलाया गया है। जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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