लालकुआं (नैनीताल): औद्योगिक क्षेत्र लालकुआं स्थित मदरसन कंपनी में पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और श्रम विभाग की सक्रिय भूमिका के बाद प्रबंधन और श्रमिकों के बीच सहमति बन गई है, जिसके साथ ही श्रमिकों ने अपना अनशन समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया।
सकारात्मक वार्ता से बनी बात
मंगलवार को दिनभर चली मैराथन वार्ताओं में एसपी सिटी, एसडीएम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने दोनों पक्षों को एक मेज पर बिठाया। बातचीत के सुखद परिणाम सामने आए:
- 14 में से 12 मांगें मंजूर: श्रमिकों द्वारा रखी गई 14 प्रमुख मांगों में से 12 को कंपनी प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
- शेष 2 मांगों पर आश्वासन: बाकी बची 2 मांगों को शासन स्तर पर विचार के लिए भेजा गया है, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
अराजक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर
जहाँ एक ओर प्रशासन ने श्रमिकों के धैर्य और अनुशासन की सराहना की, वहीं दूसरी ओर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले बाहरी तत्वों को सख्त चेतावनी दी है। पुलिस के अनुसार:
- कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों के आंदोलन की आड़ में हिंसा और तोड़फोड़ (नोएडा जैसी घटनाओं की तर्ज पर) की साजिश रच रहे थे।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20-30 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और बैरियर तोड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
- नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ ‘गुंडा एक्ट’ और ‘गैंगस्टर एक्ट’ जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
पुनः पटरी पर लौटेगा कामकाज
समझौते के बाद सभी श्रमिक अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि अब फैक्ट्री में उत्पादन गतिविधियां फिर से पूरी गति से शुरू हो जाएंगी। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे जायज मांगों के लिए हमेशा श्रमिकों के साथ हैं, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


