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उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य में बढ़ते नशीली और नकली दवाओं के खतरे को देखते हुए, दवा विक्रेताओं और नशामुक्ति केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने की योजना बनाई गई है।

‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत स्वास्थ्य विभाग पूरे राज्य में सघन कार्रवाई करने जा रहा है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, अब सभी मेडिकल स्टोरों पर हर महीने ड्रग ऑडिट किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने औषधि निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर मेडिकल स्टोर में बिकने वाली दवाओं का मासिक रिकॉर्ड गहनता से जांचा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को केवल प्रमाणित और प्रभावी दवाएं ही उपलब्ध हों।

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राज्य सरकार ने नकली और नशीली दवाओं के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन’ नामक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत न केवल दवा दुकानों की छानबीन की जाएगी, बल्कि उन स्थानों की पहचान भी की जाएगी जहां से नकली या नशे की दवाओं की आपूर्ति या निर्माण की संभावना है। स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि संदेहास्पद गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी की जाएगी।