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लालकुआं, हल्दूचौड़

4 सितंबर से शुरू हुआ ग्यारह सौ श्रीमद्भागवत का संकल्प लगभग 8 वर्षों में पूरा होगा
हल्दूचौड़ के परमा गांव स्थित कुमाऊं के सबसे बड़े गौधाम में 1100 श्रीमद् भागवत कथा के मूल पाठ का आयोजन चल रहा है स्वामी रामेश्वर दास जी के मार्गदर्शन में वृंदावन से आए वैष्णव भक्तों के द्वारा अनवरत श्रीमद्भागवत का वाचन किया जा रहा है लगातार 8 वर्षों से भी ज्यादा समय तक चलने वाला यह ज्ञान का महायज्ञ उत्तराखंड का सबसे बड़ा महायज्ञ साबित होगा वृंदावन से आए वैष्णव भक्त सुजन उपाध्याय ने बताया कि एक मूल पाठ पूरा होने में 3 दिन लगते हैं उन्होंने कहा कि 24 घंटे लगातार भागवत का मूल पाठ किया जा रहा है उन्होंने कहा कि 1100 सौ मूल पाठ 33 सौ दिनों में संपन्न होंगे इस लिहाज से 8 वर्ष से ज्यादा समय इसमें लगेगा गौधाम में होने वाला यह विराट ज्ञान महायज्ञ उत्तराखंड का सबसे बड़ा ज्ञान महायज्ञ होगा उन्होंने कहा कि गौधाम में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन का लाभ अन्य स्थान की अपेक्षा कई गुना ज्यादा प्राप्त होता है क्योंकि श्रीमद् भागवत कथा योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण का ही एक रूप है और कृष्ण भगवान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गौ भक्त रहे हैं ऐसे में गौधाम में होने वाले भागवत में योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण की कृपा सदैव बरसती रहती है

इधर गौधाम में 4 सितंबर राधाष्टमी से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के मूल पाठ को लेकर क्षेत्रवासियों में भी गजब का उत्साह बना हुआ है उल्लेखनीय है कि गौधाम हल्दूचौड़ की स्थापना वर्ष 2006 में की गई थी जहां वर्तमान में निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश की सेवा की जा रही है जिनकी संख्या 12 सौ के लगभग है जिस स्थान पर गौधाम की स्थापना की गई है उसे श्रील नित्यानंद प्रभुपाद हरे कृष्णा आश्रम के नाम से जाना जाता है जिसकी स्थापना वर्ष 1999 में स्वामी रामेश्वर दास जी ने की थी उन्होंने इस नेक कार्य के लिए अपनी समस्त 2 एकड़ जमीन दान स्वरूप भेंट कर दी थी स्वामी रामेश्वर दास जी के व्रतशील जीवन जीने का ही परिणाम है कि आज इस स्थान पर गौधाम स्थापित है

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