हल्द्वानी (नैनीताल): गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम एक बार फिर चर्चाओं में है, लेकिन इस बार वजह खेल नहीं बल्कि खेल के नाम पर हुआ एक बड़ा फर्जीवाड़ा है। ‘EVCL क्रिकेट टूर्नामेंट’ आयोजित कराने के नाम पर कई राज्यों के लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल ठगी के जाल में पूर्व विधायक और प्रमुख व्यवसायी नारायण पाल जैसे रसूखदार लोग भी फंस गए हैं।
टीम मालिक बनाने के नाम पर ‘वसूली’
आरोप है कि विकास ढाका नामक व्यक्ति ने खुद को EVCL (क्रिकेट लीग) का आयोजक बताते हुए लोगों को टीम मालिक बनाने और बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार का झांसा दिया। पीड़ितों का दावा है कि विकास ने आयोजन की तैयारियों और फ्रैंचाइजी के नाम पर विभिन्न राज्यों के निवेशकों से मोटी रकम ऐंठी।
3 फरवरी से शुरू होने थे मैच, मैदान पर सन्नाटा
योजना के अनुसार, 3 फरवरी से गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट का रोमांच शुरू होना था। लेकिन जब तय तिथि पर न तो स्टेडियम में कोई तैयारी दिखी और न ही प्रशासन से किसी प्रकार की अनुमति का प्रमाण मिला, तो निवेशकों के कान खड़े हो गए। शक होने पर जब आयोजक से जवाब माँगा गया, तो वह टालमटोल करने लगा।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने नैनीताल पुलिस कप्तान डॉ. मंजुनाथ टी.सी. से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के सख्त रुख के बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और आरोपी विकास ढाका को शहर के एक होटल से हिरासत में ले लिया।
जांच के घेरे में ‘फर्जीवाड़ा’ का नेटवर्क
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े की जड़ें कितनी गहरी हैं और अब तक कितने लोगों को चूना लगाया जा चुका है।
”प्रथम दृष्टया यह मामला फर्जी क्रिकेट लीग के नाम पर धोखाधड़ी का लग रहा है। आयोजक से पूछताछ की जा रही है और लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
— हल्द्वानी पुलिस प्रशासन
ब्यूरो रिपोर्ट: अग्रसर भारत, हल्द्वानी।


